Hazaribagh : हजारीबाग के बड़कागांव इलाके में इन दिनों कोयले की काली धूल के साथ आक्रोश की चिंगारी भी उड़ रही है। रूदी क्षेत्र में अवैध रूप से कोयला डंप किये जाने की खबर फैलते ही गोंदलपुरा और बादाम गांव के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतर आये। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि “हमारे गांव को कोयला डंप यार्ड नहीं बनने देंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि रूदी इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला डंप किया जा रहा है। इससे पर्यावरण के साथ-साथ गांवों का जनजीवन भी संकट में पड़ गया है। कोयले की धूल से खेत, सड़क और घर तक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कोयला कारोबार से जुड़े लोगों से सीधे बातचीत कर डंप यार्ड को तत्काल हटाने की मांग की। वहीं, इस मामले की सूचना बड़कागांव थाना, वन विभाग और हजारीबाग पश्चिमी डीएफओ को भी दी गई। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। कुछ लोगों का कहना था कि कोयला माफियाओं के मददगार कुछ तथाकथित सफेदपोश लोग भी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इस तरह का कारोबार चल पाना मुश्किल है। इल्जाम लगाया गया कि जोराकाठ और सेहदा जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर अवैध कोयला कारोबार बेखौफ होता है।
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