Hazaribagh (ShivNarayan Sahu, Barkagaon) : बड़कागांव गोंदलपुरा पंचायत के बलोदर में गोलबंद होकर गांव वाले सड़क पर उतर आये। हजारों की संख्या में महिलाएं और पुरुष हाथों में तख्तियां लिए टीलवा पार बीच सड़क पर बैठ गये। सभी अडानी कोल खनन कंपनी के लिए आयोजित होने वाले ग्रामसभा का विरोध कर रहे थे। भोर के 7 बजे से शुरू हुआ मौन प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। गांववालों के प्रदर्शन की वजह से अधिकारी ग्रामसभा स्थल पर नहीं पहुंच पाये। चिलचिलाती धूप में भी ग्रामीण प्रदर्शन स्थल पर पूरा दिन डटे रहे। ग्रामीणों ने कहा के 7 तारीख को ही ग्राम सभा कर हजारीबाग उपायुक्त, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पुलिस कप्तान और विभिन्न सरकारी संस्थाओं को सूचित कर दिया गया था कि गांव वाले किसी भी हालत में कंपनी को जमीन नहीं देंगे।
प्रशासन की काफी कोशिशों के बाद भी गांव वाले किसी तरह की कोई बात करने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर जल जंगल जमीन हमारा है, ग्राम सभा रद्द करो, किसानों और ग्रामीणों को विस्थापित करना बंद करो, विकास के नाम पर प्रकृति को बर्बाद करना बंद करो आदि नारों के साथ प्रदर्शन करते रहे। दंडाधिकारी नवीन भूषण कुल्लू ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि अपनी बातों को हमारे सामने रखें। स्वतंत्र प्रवेक्षक प्रणय कुमार, कानूनगो सुनील कुमार सिंह, बड़कागांव इंस्पेक्टर श्याम चंद्र सिंह, थाना प्रभारी विनोद तिर्की और महिला एसआई राधा कुमारी ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने बुझाने की कोशिश की, पर कोई फायदा नहीं हुआ।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कहा के हम ग्रामीणों के लिए ही आए हैं। हम ग्रामीणों की समस्याओं और ग्रामीणों के मांगों को जानना चाहते हैं। लेकिन प्रदर्शकारियों ने कहा के हमें किसी से कोई बात नहीं करनी है। तख्ती पर हमने संदेश लिख दिया है और ग्राम सभा कर 7 तारीख को ही संबंधित संस्थाओं को जमीन नहीं देने की सूचना दे दी गई थी।
मौके पर मौजूद बड़कागांव जिप सदस्य सुनीता देवी ने कहा कि अधिकारी जो लोगों का रक्षक बन गोंदलपुर में आ रहे हैं, वे पहले बड़कागांव बेरोजगार युवकों की नौकरी का जुगाड़ करें। कंपनी के अधिकारियों के वापस लौटने के बाद ग्रामीणों ने एक सभा कर 12 तारीख और 18 तारीख को बड़ा प्रदर्शन करने की बात कही।
इसे भी पढ़ें : दिन भर मशक्कत करती रही NDRF, नहीं मिला कोई सुराग… देखें
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग करंट हादसे की कहानी, भुक्तभोगी और चश्मदीद की जुबानी… देखें वीडियो












