Kohramlive : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने सैकड़ों परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। कोई अपने बेटे को खोज रहा है, कोई पति को, तो कोई मां-बाप की एक झलक के लिये दर-दर भटक रहा है। लेकिन चितवन में त्रासदी का एक और दर्दनाक चेहरा सामने आया है। यहां करीब 250 शव पहचान का इंतजार कर रहे हैं। हालात ऐसे बने कि अधिकारियों को करीब 100 शवों को अस्थायी रूप से दफनाना पड़ा।
जंगल में खोदी गई गहरी खाई, एक-एक कर दफनाये गये शव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते शनिवार को शवों को लेकर वाहनों का काफिला घने जंगल वाले इलाके में पहुंचा। वहां खुदाई मशीन से एक गहरी खाई तैयार की गई और करीब 100 शवों को अस्थायी तौर पर दफनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया। शवों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जबकि फॉरेंसिक सुविधाएं और मुर्दाघरों में जगह सीमित थी। ऊपर से गर्मी और नमी ने हालात और मुश्किल कर दिये। शव तेजी से खराब हो रहे हैं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि उन्हें लंबे समय तक खुले में रखने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शवों को अस्थायी रूप से दफनाने से पहले उनकी पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। शवों के DNA सैंपल लिये जा रहे हैं। मकसद साफ है, अगर आज पहचान नहीं हो पा रही, तो भविष्य में वैज्ञानिक तरीके से शवों की पहचान की जा सके और किसी परिवार को अपने लापता सदस्य के बारे में जवाब मिल सके।







