Ranchi : रांची के DC ऑफिस के एक कमरे में आज कानून के जानकार बैठे थे, माहौल किसी अदालत से कम न था।
पीपी अनिल सिंह, असिस्टेंट प्रॉसिक्यूटर सिद्धार्थ, संगम, निखार और खुद DC मंजूनाथ भजन्त्री। एक ही मकसद से इकट्ठा हुये थे, “दोषियों को सजा और बेगुनाह को राहत।” बातें सिर्फ फाइलों की नहीं थीं, फर्ज की थीं। डिजिटल सिस्टम, फॉरेंसिक सपोर्ट, गवाहों की सुरक्षा और पुराने केसों की धूल झाड़ने की बात हुई। प्रशिक्षण भी होगा, तकनीक भी आयेगी, ताकि अदालत में सिर्फ केस न लड़े जायें, इंसाफ जीते। DC मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि “हम ऐसी अभियोजन व्यवस्था चाहते हैं, जो भरोसा जगाये, हर गुनहगार को उसकी सही जगह तक पहुंचायें।”






