लातेहार/कोडरमा/देवघर/रामगढ़/गढ़वा : नए कृषि कानून के विरोध में भारत बंद का लातेहार में व्यापक असर देखा गया। जिला मुख्यालय सहित चंदवा, बालूमाथ, बरवाडीह और महुआडांड़ थानाक्षेत्र में जेएमएम की अगुआई में बंद समर्थक सड़क पर उतरे और किसानों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार के तीन काले कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। समर्थकों ने बंद के दौरान यातायात को भी ठप कर दिया। सड़क वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई दुकानें और प्रतिष्ठान भी बंद नजर आए।
समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बंद समर्थक सड़क के बीचोंबीच बैठ प्रदर्शन करते रहे। उन्हें पुलिस समझाने के प्रयास में जुटी रही। जिले में बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। वाहनों की लंबी कतार लग गई है वहीं कई प्रतिष्ठान भी बंद नजर आए।
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कई जिलों में एंबुलेंस और निजी वाहन भी जाम में फंसे दिखे। रांची-पटना मुख्य सड़क को जोड़ने वाले जिलों रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा के नेशनल हाइवे पर कई किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी लाइनें लगी थीं, जिसमें कई जगह एंबुलेंस भी फंसे हुए दिखे।
122 आंदोलनकारियों ने दी गिरफ्तारी
झुमरीतिलैया में महाराणा प्रताप चौक के पास बंद के दौरान सड़क जाम करने के आरोप में 122 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद की मौजूदगी में की गई। गिरफ्तार होने वालों में राजद, झामूमो, कांग्रेस, सीपीआइएम पार्टियों के नेता प्रमुख रूप से शामिल थे।
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गढ़वा में दोपहर बाद चलने लगीं गाड़ियां
गढ़वा में सुबह जहां बंद समर्थक ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर निकले। वहीं 12 बजे के बाद झारखंड-छत्तीसगढ़ बार्डर पर गाड़ियां चलने लगीं और बसें व छोटी गाड़यां छत्तीसगढ़ के लिए जाते हुए दिखीं। हजारीबाग और रामगढ़ में भी पटना-रांची हाइवे पर भी सवारी बसें दोपहर बाद चलते हुए दिखीं।
देवघर में भाजपा नेताओं के साथ नोंकझोंक
देवघर में भारत बंद के दरम्यान बीजेपी और महागठबंधन के नेताओं में नोकझोंक और टकराव की स्थिति पैदा हो गई। वहीं रामगढ़ जिले में भारत बंद का सबसे ज्यादा प्रभाव कोयला क्षेत्र में देखने को मिला। कोलियरियों में कोयले की ट्रांसपोर्टिंग ठप रही।








