Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के DC पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रमना प्रखंड के तीन विद्यालयों का आज निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक स्कूल में एक्सपायर्ड सब्जी मसाला इस्तेमाल किये जाने का मामला सामने आया, जिसे टीम ने मौके पर ही जब्त कर लिया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गढ़वा-3 किरण हेमब्रम के नेतृत्व में टीम मिड डे मील की सच्चाई झांकने सबसे पहले उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रमना पहुंची। यहां बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिये जाने की बात सामने आई। रसोईघर की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। जांच के दौरान सब्जी बनाने में ‘मॉडर्न’ कंपनी का एक्सपायर्ड सब्जी मसाला इस्तेमाल किये जाने का पता चला। टीम ने मसाले को तत्काल जब्त कर लिया।संयोजिका रेनू देवी को कड़ी चेतावनी देते हुये निर्देश दिया गया कि भोजन बनाने में किसी भी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसकी गुणवत्ता और वैधता जरूर जांची जाये। स्कूल में बच्चों के पेयजल के लिये टंकी के पानी की व्यवस्था मिली। स्कूल प्रबंधन को इसमें भी आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया।
कस्तूरबा विद्यालय में व्यवस्था मिली बेहतर
इसके बाद टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, रमना का निरीक्षण किया। यहां स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। रसोईघर की साफ-सफाई संतोषजनक थी और छात्राओं को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन दिया जा रहा था। भोजन में इस्तेमाल होने वाला तेल और मसाला भी मानकों के अनुरूप मिला। छात्राओं के लिये फिल्टर और आरओ से पेयजल की व्यवस्था भी उपलब्ध पाई गई। टीम ने पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय, सिलिदाग-1 का भी जायजा लिया। यहां रसोईघर की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। जांच में निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिये जाने के साथ बच्चों को तय मात्रा से कम भोजन मिलने की बात भी सामने आई। इस पर संयोजिका और विद्यालय प्रभारी को कड़ी हिदायत दी गई। उन्हें निर्धारित मात्रा और गुणवत्ता के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने और रसोईघर की व्यवस्था में तत्काल सुधार का निर्देश दिया गया। स्कूल में पेयजल के लिये चापाकल की व्यवस्था मिली।
‘बच्चों की थाली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी किरण हेमब्रम ने कहा कि जिले के सभी मिड डे मील केंद्रों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का सख्ती से पालन होना चाहिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन में केवल गुणवत्तापूर्ण और वैध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाये। निर्धारित मेनू और मात्रा के मुताबिक भोजन देने के साथ रसोईघर और पेयजल व्यवस्था में स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान जरूरी है। निरीक्षण टीम में खाद्य सुरक्षा कार्यालय के विवेक तिवारी और संतोष कुमार भी शामिल रहे।















