Kohramlive : सरकारी खर्च में कटौती और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी’ का नया नियम लागू कर दिया है। अब किसी अधिकारी के पास दूसरे मंत्रालय, विभाग, PSU या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार होने पर भी अलग से दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं मिलेगी। उसे पहले से आवंटित वाहन का ही इस्तेमाल करना होगा।
वित्त मंत्रालय ने जारी किए नये निर्देश
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी मंत्रालयों और विभागों को कार्यालय ज्ञापन जारी कर कहा है कि 1 सितंबर 2022 के स्टाफ कार नियमों का सख्ती से पालन कराया जाये। साथ ही अधिकारियों को सामान्य परिस्थितियों में PSU या स्वायत्त संस्थाओं के वाहन इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन सिर्फ अधिकृत सरकारी दौरे पर ही उपयोग किये जा सकेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित रखा जाये। इनका निजी या अनधिकृत इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक, अनावश्यक खर्च में कमी, सार्वजनिक धन की बचत और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।






