Hazaribagh, Chouparan(Krishna Paswan) : कानून के पहरूये की पहल पर आज कईयों का भला हो गया। गांव वालों के बीच करीब 3 करोड़ 17 लाख 94 हजार 400 का परिसंपति बांटी गई। हजारीबाग के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना की देखरेख में आयोजित मेगा लीगल इंपायरमेंट कैंप में सरकारी योजनाओं के तहत लाभुकों को परिसंपति बांटी गई। जिला प्रखंड मुख्यालय सभागार में आयोजित समारोह में BDO सिन्हा ने अंबेडकर आवास 13 लाभुक को 16 लाख 90 हजार, पेंशन योजना में 20 लाभुक को 1 लाख 15 हजार, जेएसएलपीएस में 250 लाभुक को 96 लाख, केसीसी लोन के 7 लाभुक को 5 लाख 62 हजार 400, मनरेगा योजना में 5 जॉब कार्ड, महिला सशक्तिकरण में 10 महिला को दस हजार, सोना सोबरन में 50 लाभुक को धोती साड़ी, सखी मंडल में 3 हजार महिलाओं को 1 करोड़ 65 लाख 50 हजार, मनरेगा योजना में कूप में 2 लाभुक को 8 लाख, बिरसा बागवानी में 1 लाभुक को 4 लाख 20 हजार एवं मेढ़ बंदी योजना में 2 लाभुक को 36 हजार मिलाकर 3 करोड़ 17 लाख 94 हजार 400 का परिसंपति का वितरण किया गया।
समारोह में मौजूद कानून के पहरेदारों ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में रहनेवाले ज्यादातर लोग को कानून के बारे में पता नहीं रहता। जिसके चलते समाजिक न्याय से वंचित रह जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को होता है। कोर्ट में शीघ्र और सस्ता न्याय मिलना आज की तारीख में जरा मुश्किल हो गया है। संविधान के अनुच्छेद 39 (क) में हर नागरिक को सामाजिक न्याय प्रदान करने की बात की गई है। जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति आर्थिक या किसी अन्य कारण से न्याय से वंचित नहीं रह सकता। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत केंद्र, राज्य एवं जिला स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, उप समिति एवं तहसील विधिक सेवा समिति का गठन किया गया। जिसके तहत लोगों को सरकारी खर्च पर वकील, कोर्ट फीस के लिए खर्च, अभिलेख कागजातों की सुविधाएं लोगों को प्राप्त करवाना है। वहीं, लोग निशुल्क विधिक सेवा पाने का हकदार हैं। जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एवं सभी महिला सदस्य अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग या ऐसे लोग जिन से सामाजिक शोषण की जाती है। वैसे महिलाएं एवं बच्चे मानसिक रोगी एवं विकलांग व्यक्ति, जातीय हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप में पीड़ित व्यक्ति औद्योगिक श्रमिक, कारागृह, किशोर मनोचिकित्सक अस्पताल मनोचिकित्सीय परिचर्या अभिरक्षा में रखे गये व्यक्ति ऐसे सभी लोग जिनकी वार्षिक आमदनी एक लाख से कम है, वह विधिक सेवा पाने का हकदार है। विधिक सेवा हासिल करने के लिये वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा झारखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति सचिव के नाम आवेदन दे सकते हैं। यह आवेदन प्रखंड में नियुक्त पीएलवी व अधिवक्ता के माध्यम से दी जा सकती है। प्रखंड में संचालित सारी योजनाओं के बारे में भी लोगों को बताया गया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद सोनी ने किया। विधिक सशक्तिकरण शिविर में असिस्टेंट संदीप कुमार, पीयून शहनवाज हुसैन, मुखिया प्रतिनिधि अभिमन्यु प्रसाद भगत, पंसस प्रतिनिधि अनिल वर्णवाल, मौलाना हेलाल अख्तर, प्रधान सहायक सुरेश कुमार, सहायक अभिषेक कुमार ओझा, बीपीओ संतोष कुमार, बीपीओ राजेश कुमार, लेखापाल दीपक कुमार मेहता, प्रखंड नाजीर संजय किंडो, कृषि पदाधिकारी मुकुंद हंस, पेंशन विभाग धनंजय तिवारी, गौरव पांडेय, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सतेंद्र कुमार, रवि कुमार उर्फ बड़े और पीएलवी हरेंद्र राणा सहित कई लोग मौजूद थे।
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