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2 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे INS Vikrant देश को समर्पित, पहला स्‍वदेशी एयरक्राफ्ट

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Kohramlive Desk : देश का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) शीघ्र भारतीय  नौसेना (Indian Navy) के जंगी बेड़े में शामिल हो जाएगा। केरल के कोच्चि में 2 सितंबर को इसकी कमीशनिंग के वक्त पीएम मुख्य अतिथि होंगे। भारतीय नौसेना ने इस बात का ऐलान खुद गुरुवार को राजधानी दिल्ली में किया। आईएनएस विक्रांत की कर्टन रेजर प्रेंस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय नौसेना के वाइस चीफ (सह-प्रमुख), वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे ने बताया कि 2 सितंबर को ऐतिहासिक दिन है। भारत दुनिया के उन छह चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जो 40 हजार टन का एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने की क्षमता रखते हैं। बाकी पांच देश हैं अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और इंग्लैंड।

विक्रांत पर 30 एयरक्राफ्ट तैनात होंगे

वाइस एडमिरल ने बताया कि विक्रांत पर 30 एयरक्राफ्ट तैनात होंगे, जिनमें 20 लड़ाकू विमान (Fighter Plane) होंगे और 10 हेलीकॉप्टर होंगे। फिलहाल विक्रांत पर मिग-29के फाइटर जेट तैनात होंगे और उसके बाद डीआरडीओ (DRDO) और एचएएल (HAL) द्वारा टीईडीबीएफ यानि टूइन इंजन डेक बेस्ड फाइटर जेट तैनात होंगे। विक्रांत की टॉप स्पीड 28 नॉट्स है और ये एक बार में 7500 नॉटिकल मील की दूरी तय कर सकता है यानि एक बार में भारत से निकलकर ब्राजील तक पहुंच सकता है। इस पर तैनात फाइटर जेट्स भी एक-दो हजार मील की दूरी तय कर सकते हैं।

दुश्मन की पनडुब्बियों पर खास नजर

विक्रांत पर जो रोटरी विंग एयरक्राफ्ट्स होंगे, उनमें छह एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर्स होंगे, जो दुश्मन की पनडुब्बियों (Submarines) पर खास नजर रखेंगे। भारत ने हाल ही में अमेरिका से ऐसे 24 मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर, एमएच-60आर यानि रोमियो हेलीकॉप्टर का सौदा किया है। इनमें से दो (02) रोमियो हेलीकॉप्टर भारत को मिल भी गए हैं। इसके अलावा दो टोही हेलीकॉप्टर और दो ही सर्च एंड रेस्कयू मिशन में इ‌स्तेमाल किए जाने वाले होंगे।ेे

भारत को दो एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत

भारत (India) को कम से कम दो एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत इसलिए है, क्योंकि देश की करीब सात हजार किलोमीटर लंबी समुद्री सीमाएं दो तरफा हैं। एक है पूर्व में बंगाल की खाड़ी से सटी और दूसरी है पश्चिम में अरब सागर से सटी। ऐसे में भारत को दो अलग-अलग मोर्चों पर दो विमान-वाहक युद्धपोत की जरूरत थी। इसके अलावा हिंद महासागर में भारत का करीब 23 लाख वर्ग मील का स्पेशल ईकनोमिक जोन है, उसकी सुरक्षा करने के लिए भारत को दो एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत है। हाल ही में भारत का आईएनएस विराट एयरक्राफ्ट कैरियर भी डिकमीशन यानि रिटायर हो गया था। ऐसे में भारतीय नौसेना के पास फिलहाल आईएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो भारत ने रूस से वर्ष 2013 में लिया था।

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