Pakur (Jay) : भगवान का शुक्र है कि ऐन वक्त पर गांववाले और पुलिस आ गई, वर्ना अनर्थ हो सकता था। इरादा उसका नेक नहीं था। 8 साल और 6 साल की मासूम दो बच्चियों को बिस्कुट और चॉकलेट को लोभ देकर राकेश हांसदा अपने साथ ले गया। दोनों बच्चियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। तय समय पर जब दोनों बच्चियां घर नहीं पहुंची तो दोनों की खोज शुरू हुई। दोनों को इधर-उधर बहुत खोजा गया, पर बच्चियों का कुछ भी पता नहीं चला। अचानक गांव के ही एक 10 साल की बच्ची ने खोजबीन कर रही एक बच्ची की मां को बताया कि राकेश हांसदा को दोनों बच्चियों को साथ लेते जाते हुए देखा है।
राकेश हांसदा पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा प्रखंड के प्रोजेक्ट+2 विद्यालय धर्मपुर का चपरासी है। यह शख्स बीते दो हफ्ते से यहां एक किराये के मकान में रह रहा है। उसके मकान मालिक का नाम भरत सोरेन है। यह सुनते ही राकेश हांसदा के घर पहुंच गई। वहीं गांव में बच्चा चोर का शोर मच गया। ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। राकेश हांसदा ने अपने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। बहुत आवाज देने पर भी उसने दरवाजा नहीं खोली। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस के कहने पर भी राकेश ने दरवाजा नहीं खोला। घर की खिड़की तोड़ी जाने लगी। बाद में किसी तरह बच्चियों को सही सलामत घर से बाहर निकाला जा सका। वहीं राकेश हांसदा को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस तरह से अनहोनी होने से बच गई।
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