UP : लखनऊ की धड़कनों में बसे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) से एक अहम खबर आई है। अब नर्सिंग अधिकारी चमचमाती नेल पॉलिश और भारी गहनों संग ड्यूटी नहीं कर सकेंगी। सेवा भाव के इस पेशे में सादगी और अनुशासन को पहली बार लिखित रूप में उतार दिया गया है। KGMU ने इतिहास रचते हुये नर्सिंग मैनुअल तैयार किया है, ऐसा दस्तावेज जो न सिर्फ यहां, बल्कि देश के किसी भी संस्थान में पहली बार लागू हुआ है। इसमें नर्सिंग अधिकारियों के अधिकार, दायित्व और छुट्टियों तक के प्रावधान दर्ज हैं। अब वार्ड और इमरजेंसी में बोर्ड लगाये जायेंगे, ताकि मरीज और तीमारदार भी जान सकें, नर्सिंग स्टाफ से वे क्या उम्मीद कर सकते हैं।
मैनुअल कहता है, नर्सिंग अधिकारी मरीज और परिजनों से विनम्रता से पेश आयेंगी। समय पर दवा, भोजन और पानी की जानकारी देंगी। संक्रमण रोकना, हाथ साफ रखना और रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया परिजनों की जानकारी में करना उनकी जिम्मेदारी होगी। मरीज की जांच और सैंपल लेने के तय नियम होंगे। डिस्चार्ज की हर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी। दर्ज हैं। KGMU के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह के हवाले से मीडिया में आई खबरें के अनुसार, “इस मैनुअल का मकसद नर्सिंग अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करना और मरीजों की सेवा प्रणाली को और बेहतर बनाना है।”












