KohramLive : केंद्र सरकार ने सभी टेलीविजन चैनलों के लिए आज यानी 9 जनवरी को एडवायजरी जारी की है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय जारी एडवायजरी में कहा गया है कि टीवी चैनल्स महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा, एक्सीडेंट और मौत की वैसी घटनाओं की रिपोर्टिंग न करें जिसमें ‘गुड टेस्ट और शालीनता’ न हो। मंत्रालय ने कहा है कि टेलीविजन चैनलों ने व्यक्तियों के शवों और चारों ओर खून के छींटे, जख्मी व्यक्तियों के फोटो/वीडियो दिखाए हैं। कुछ वीडियो में तो महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बेतरह पीटा जा रहा है। इन्हें ब्लर तक नहीं किया गया। इस तरह की वारदातों की रिपोर्टिंग का तरीका दर्शकों को परेशान करने वाला है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसी खबरों का बच्चों पर विपरीत मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ सकता है।
Ministry of I&B cautions TV channels against broadcasting disturbing footages, distressing images. Gory images of blood, dead bodies, physical assault are distressful, against Programme Code. No editing being done of violent videos being taken from social media by channels. pic.twitter.com/TZQyY6U0pE
— ANI (@ANI) January 9, 2023
मंत्रालय ने गौर किया है कि अधिकतर मामलों में वीडियो सोशल मीडिया से लिए जा रहे हैं। वहीं वीडियो को बिना एडिट और ब्लर किये प्रसारित किए जा रहा है। उदाहरण के तौर पर पब्लिश्ड कंटेंट की लिस्ट नीचे दी गई है-
30.12.2022 : एक्सीडेंट में जख्मी हुए क्रिकेटर की दर्दनाक तस्वीरें और वीडियो बिना धुंधला किए दिखाया गया।
28.08.2022 : शव को घसीटते हुए एक आदमी का परेशान करने वाला फुटेज दिखाया गया, जिसके चारों ओर खून के छींटे पड़े हुए हैं।
06-07-202 : बिहार की राजधानी पटना के एक कोचिंग क्लासरूम में एक शिक्षक को 5 साल के बच्चे को बेरहमी से पीटते हुए तब तक दिखाया गया, जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गया। क्लिप को म्यूट किए बिना चलाया गया था, जिसमें दया की भीख मांगते बच्चे की दर्दनाक चीखें सुनी जा सकती हैं। इसे 09 मिनट से अधिक समय तक दिखाया गया था।
04-06-2022 : बिना धुंधला किए एक पंजाबी गायक के शव की दर्दनाक तस्वीरों को दिखाना।
25-05-2022 : असम के चिरांग जिले में एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग लड़कों को डंडे से बेरहमी से पीटने की दिल दहला देने वाली घटना को दिखाया गया है। वीडियो में शख्स को बेरहमी से लड़कों को लाठी से पीटते देखा जा सकता है। क्लिप को बिना ब्लर या म्यूट किए प्ले किया गया था, जिसमें लड़कों के रोने की आवाज साफ सुनाई दे रही थी।
16-05-2022 : कर्नाटक के बागलकोट जिले में एक महिला अधिवक्ता के साथ उसके पड़ोसी ने बेरहमी से मारपीट की, जिसे बिना एडिटिंग के लगातार दिखाया गया।
04-05-2022 : तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के राजापलायम में एक व्यक्ति को अपनी ही बहन की हत्या करते हुए दिखाया गया है।
01-05-2022 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक व्यक्ति को पेड़ से उल्टा लटका कर पांच लोगों द्वारा बेरहमी से लाठियों से पीटने का वीडियो दिखाया गया।
12-04-202 2: एक वीडियो में पांच शवों के दर्दनाक दृश्य लगातार बिना धुंधला किए हुए दिखाए गए।
11-04-2022 : एक ऐसी घटना के बारे में जिसमें केरल के कोल्लम में एक व्यक्ति को अपनी 84 वर्षीय मां पर बेरहमी से हमला करते हुए देखा जा सकता है, लगभग 12 मिनट तक बिना धुंधला किए लगातार अपनी मां को पीटते हुए और बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है।
07-04-2022 : बेंगलुरू में एक बूढ़े व्यक्ति द्वारा माचिस की तीली जलाकर उसे अपने बेटे पर फेंके जाने का वीडियो फुटेज बिना एडिटिंग के बार-बार प्रसारित किया गया।
22-03-2022 : असम के मोरीगांव जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़के की पिटाई का वीडियो बिना ब्लर या म्यूट किए चलाया गया है। इस वीडियो में लड़के को बेरहमी से पीटते हुए रोते और गिड़गिड़ाते हुए सुना जा सकता है।

इस तरह के ब्रॉडकास्टिंग पर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। इसमें शामिल व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए और बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित टेलीविजन चैनलों के दर्शकों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय ने सभी निजी टेलीविजन चैनलों को सख्ती से सलाह दी है कि वे प्रोग्राम कोड के अनुरूप मौत सहित अपराध, दुर्घटनाओं और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए अपने सिस्टम और प्रथाओं को दुरुस्त करें।












