रांची : झारखंड सरकार ने कोरोना को लेकर छठ पूजा की गाइडलाइन में किया संशोधन। अब छठ घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कर सकते हैं पूजा। मालूम हो कि जब से छठ को लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी किया था, तब से राज्यभर में विरोध के स्वर उठने लगे थे। भाजपा सहित विपक्षी नेताओं से लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस गाइडलाइन में संशोधन करने की मांग रखी थी। इसी के तहत सरकार ने यह अहम कदम उठाया है।
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सीएम ने की अपील, ज्यादातर लोग घरों पर ही करें पूजा
मुख्यमंत्री ने फिर से अपील की है कि श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में घरों में ही छठ करें। नदी, तालाबों के घाटों पर लोग कम संख्या में ही जाएं। जिन्हें कुछ मजबूरी हो, वो ही घाटों पर जाएं और कोरोना के प्रति सतर्कता जरूर बरतें।
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घाट पर इन नियमों का करना होगा पालन
- कंटेनमेंट जोन के बाहर जलाशयों पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दो लोगों के बीच 6 फीट की दूरी रखना जरूरी होगा।
- छठ घाट पर सभी को मास्क लगाना अनिवार्य।
- सार्वजनिक स्थल और जलाशयों पर थूकने पर पूर्ण पाबंदी।
- छठ घाट के नजदीक किसी प्रकार के स्टॉल लगाने की मनाही।
- पटाखे-आतिशबाजी पर पूर्ण रोक।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन पर भी पाबंदी।
गाइडलाइन का उल्लंघन पर सकता है भारी
गाइडलाइन का पालन कराने की जिम्मेदारी प्रशासन को सौंपी गई है। आदेश में कहा गया है कि गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 और आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51 व 60 के तहत कार्रवाई होगी। धारा 188 के तहत 6 माह से 2 साल तक की जेल का प्रावधान है।
संशोधित गाइडलाइन जारी होने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड, बिहार और यूपी में छठ महापर्व की महानता से मैं वाकिफ हूं। लेकिन आम जीवन के लिए अभी विपरीत वक्त है। इसलिए जहां तक संभव हो लोग घरों में ही छठ पर्व मनाएं। आगे उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन केंद्र सरकार के आदेश और प्रधानमंत्री के वचनों के अनुरूप है। बीजेपी के लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया।















