Kohramlive : 17 साल की चुप्पी, 166 मासूमों की चीखें, और एक नाम… तहव्वुर हुसैन राणा। 26/11 का मास्टरमाइंड, आज भारत की धरती पर है, न्याय के कटघरे में, NIA के शिकंजे में। NIA ने आज राणा की पहली तस्वीर जारी की है। सादगी भरा लाल-ग्रे सूट, पैरों में साधारण सैंडल, लेकिन आंखों में छिपी वो वही बर्बरता, जिसने 2008 में मुंबई की रूह को छलनी कर दिया था। इस तस्वीर के साथ खड़ी हैं भारत की सुरक्षा एजेंसियों की वो ताकत, जिन्होंने 17 साल तक इस एक पल का इंतजार किया।
17 साल, कई अदालतें, एक फैसला
16 मई 2023, जब अमेरिकी अदालत ने प्रत्यर्पण का आदेश दिया। इसके बाद राणा ने एक नहीं, कई बार अमेरिका की अदालतों का दरवाजा खटखटाया। हर बार उसके सपने चकनाचूर हुये। तहव्वुर राणा कोई आम आतंकवादी नहीं, ISI का प्यादा, लश्कर-ए-तैयबा का शातिर मोहरा और पाकिस्तानी सेना का पुराना चहेता है। उसी ने डेविड हेडली के साथ मिलकर 26/11 जैसे नरसंहार की स्क्रिप्ट लिखी थी। इस हमले में 166 बेगुनाह जानें गईं और मुंबई खून से लाल हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस ऑपरेशन के पीछे NSA अजीत डोभाल का दिमाग और भारत की एजेंसियों की सधी हुई रणनीति थी। NIA, रॉ, मुंबई पुलिस, NSG, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय— सभी ने इस जीत की पटकथा लिखी। उम्मीद है कि अब साजिद मीर, मेजर इकबाल और ISI के अन्य चेहरों की परतें भी खुलेंगी।
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