Kohramlive : गैंगस्टर एक्ट में 10 साल की सजा पाने वाले माफिया मुख्तार अंसारी का जलजला की लौ अब टिमटिमाने लगी। उसका खूंटा भी टगमगाने लगा। कल जिसके नाम सुन ही लोग कांप उठते थे, अब उसका कोई खौफ लोगों में नहीं। उसके गैंगस्टर भाई अफजाल अंसारी को भी 4 साल की सजा सुनाई गई है। इस माफिया के परिवार का भी राजनीतिक किला ढहने के कगार पर है। अफजाल अंसारी की लोकसभा सदस्यता जाने का खतरा है। अफजाल अंसारी पहले ऐसे नेता नहीं हैं, जिनकी सदस्यता जा सकती है। इसके पहले भी कई ऐसे सांसद और विधायकों की सदस्यता जा चुकी है, जिन्हें कोर्ट ने दो साल या इससे अधिक की सजा सुनाई है। वहीं बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी का भी राजनीतिक भविष्य लगभग खत्म हो गया है। बीते आठ महीने के दौरान ही उसे चार मामलों में सजा मिल चुकी है। अब माफिया के लिए राजनीतिक सफर को आगे बढ़ा पाना मुश्किल होगा। वह लंबे समय तक मऊ की सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। माफिया की बादशाहत भी खत्म हो गई। मऊ सदर से वर्तमान विधायक व माफिया का बेटा अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है। बहू भी जेल में है। पत्नी आफ्शा अंसारी पर 50 हजार रुपये का इनाम ऐलान है। पुलिस के रिकॉर्ड में वह फरार चल रही है। 60 साल के माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर, वाराणसी, मऊ और आजमगढ़ के अलग-अलग थानों में 61 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से आठ मुकदमे ऐसे हैं, जो कि जेल में रहने के दौरान दर्ज हुए थे। ज्यादातर मामले हत्या से जुड़े हैं।
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