Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा नगर में यातायात व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। DC दिनेश कुमार यादव के निर्देश पर आज समाहरणालय सभागार में जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर की भीड़भाड़, जाम और वाहन संचालन से जुड़ी समस्याओं पर गहन विमर्श किया गया।
बसें अब चौराहों पर नहीं रुकेंगी
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर क्षेत्र के चौक-चौराहों पर अब किसी भी यात्री बस को खड़ा नहीं किया जायेगा। यह निर्णय ट्रैफिक को जाममुक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
भारी वाहनों पर दिन में रोक
सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है। उन्हें वैकल्पिक मार्गों से ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। इससे बाजार क्षेत्र और मुख्य सड़कों पर दबाव कम होगा।
112 हेल्पलाइन होगी एक्टिव
SDPO नीरज कुमार ने लोगों से अपील की कि किसी भी यातायात अव्यवस्था की जानकारी तत्काल ‘112’ नंबर पर दें ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।
परिवहन कर्मियों के अधिकार होंगे सुरक्षित
श्रम अधीक्षक संजय आनंद ने मोटर परिवहन कर्मचारी अधिनियम 1961 की जानकारी दी। इसके तहत बस चालकों और खलासियों की कार्य अवधि 8 घंटे निर्धारित की गई है। साथ ही, हर कर्मचारी को हर माह की 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा।
संगठनों ने जताया सहयोग
बैठक में ट्रांसपोर्ट यूनियन, बाजार समिति और व्यवसायिक संगठनों ने भी सक्रिय भागीदारी की और सहयोग का भरोसा दिया। सभी ने प्रशासन से समन्वय बनाकर गढ़वा नगर को जाममुक्त और सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता जताई। DTO धीरज प्रकाश ने इसे गढ़वा के लिए “सुलभ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था” की ओर एक ठोस कदम बताया।












