Ranchi : झारखंड विधानसभा में पारित “कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन विधेयक 2025” ने लाखों छात्रों और अभिभावकों के दिलों में नई उम्मीद जगा दी है। झामुमो के केंद्रीय सदस्य डॉ. तनुज खत्री ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुये कहा, “हेमंत सरकार ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा सेवा है, व्यापार नहीं।” अब कोचिंग सेंटरों को सुबह 6 से रात 9 बजे तक ही चलाने की इजाजत होगी। यानी देर रात तक की थकान और दबाव से बच्चों को राहत मिलेगी।
गरीब परिवारों के सपनों की सुरक्षा
डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि अब मनमानी फीस वसूली पर पूरी तरह रोक लगेगी। पंजीकरण अनिवार्य होगा। मेहनत की कमाई से पढ़ाई कराने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अब सुकून की नींद मिलेगी। हर बड़े कोचिंग संस्थान में प्रमाणित मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति अनिवार्य होगी। बच्चों का तनाव और दबाव अब घटेगा, मुस्कान लौटेगी। भ्रामक विज्ञापन और बड़े-बड़े खोखले दावों पर रोक लगेगी। शिक्षा में अब सिर्फ सच और पारदर्शिता का उजाला होगा। हर जिले में नियामक समिति बनेगी। अब छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें दिल्ली-पटना नहीं भटकेंगी, यहीं, स्थानीय स्तर पर हल होंगी। डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि “यह अधिनियम छात्रों को सुरक्षित, पारदर्शी और बेहतर वातावरण में पढ़ाई का अधिकार देगा। यह शिक्षा को व्यापारीकरण से निकालकर सेवा की भावना से जोड़ेगा।” हेमंत सरकार का यह फैसला छात्रों की आंखों में नये सपनों का दीपक जलाता है। अब शिक्षा में पारदर्शिता और अनुशासन का एक नया दौर शुरू होगा।










