Kohramlive : अगर बैंक अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट होल्डर की मौत हो जाये और कोई नॉमिनी न हो, तो उसका पैसा कानूनी उत्तराधिकारी को मिलता है। विवाहित व्यक्ति के मामले में पति/पत्नी, बच्चे और माता-पिता उत्तराधिकारी होते हैं, जबकि अविवाहित के लिये भाई-बहन भी दावा कर सकते हैं। नॉमिनी होने से कानूनी झंझट से बचा जा सकता है, वरना उत्तराधिकार प्रमाण पत्र सहित कई दस्तावेज देने पड़ते हैं। अगर कोई दावा नहीं करता, तो रकम RBI के DEAF फंड में चली जाती है। इसलिये, अकाउंट में नॉमिनी जोड़ना बेहद जरूरी है। वहीं, बैंक के नियमों के अनुसार आप चाहे तो अपने नॉमिनी का नाम बदल सकते हैं। इसके लिये किसी भी तरह की पाबंदी नहीं रखी गई है।
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