Kohram live desk : हर साल 14 मार्च को दुनियाभर में गणित यानि मैथमेटिक्स के प्रेमी और उससे जुड़े लोग पाई डे मनाते हैं। पाई (π) मैथ मैटिक्स में बहुत मायने रखता है। बहुत सी गणनाओं में इसका इस्तेमाल होता है।
भारतीय वैज्ञानिक ने किया पाई आविष्कार
ये भी कहा जाता है कि π का अविष्कार भारतीय वैज्ञानिक आर्यभट ने किया था, उन्होंने देखा जब भी किसी व्रत की परिधि और उसका व्यास का अनुपात निकला जाता हैं उसका मान हमेशा सामान आता हैं जो है 22/7, 3.14 । यह जानकर शायद हैरानी होगी कि पाई हमारी डेली लाइफ का एक ऐसा जरूरी हिस्सा है, जो घड़ी के पैंडुलम से लेकर पिज्जा की स्लाइस तक में यूज होता है। नदी पर पुल बनाना हो, या आंख के स्ट्रक्चर की पढ़ाई करनी हो, यह सब पाई के बिना मुमकिन नहीं है।
ये 14 मार्च को ही क्यों
हर साल ये दिन 14 मार्च को ही मनाया जाता है। ये 14 मार्च को ही इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि ये दिन पाई की कीमत को जाहिर करता है। इस दिन पूरी दुनिया में मैथ से जुड़े बहुत से इवेंट आयोजित किए जाते हैं। यह एक अपरिमेय राशि है। इसकी वैल्यू 22/7 ही होती है।
आर्यभट ने क्या श्लोक पाई का दिया
आर्यभट ने निम्नलिखित श्लोक में पाई का मान दिया है-
“चतुराधिकं शतमष्टगुणं द्वाषष्टिस्तथा सहस्त्राणाम्।
अयुतद्वयस्य विष्कम्भस्य आसन्नौ वृत्तपरिणाहः॥”
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