Kohramlive : नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लगभग 73 साल की सुशीला कार्की ने सिंह दरबार के गृह मंत्रालय भवन में पदभार ग्रहण करते ही देश के भविष्य को नई दिशा देने का संकेत दिया। प्रधानमंत्री कार्की ने पदभार ग्रहण करते ही सचिवों और आला सरकारी अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया। उनका संदेश स्पष्ट था ‘‘हिंसा और विनाश के पीछे कोई बच नहीं पायेगा’’। कार्की ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और संपत्ति के विनाश में शामिल सभी लोगों को कठघरे में लाया जायेगा। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन कानून के उल्लंघन को कभी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
शहीदों को सम्मान
प्रधानमंत्री ने Gen Z समूह के प्रदर्शन में मारे गये लोगों को ‘‘शहीद’’ घोषित करने की घोषणा की और उनके परिजनों को 10 लाख नेपाली रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। यह कदम लोगों के दिलों में न्याय और संवेदना का संदेश देने वाला माना जा रहा है। नेपाली राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया। यह निर्णय Gen Z समूह की सिफारिश पर लिया गया, जिनके हिंसक प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया था। काठमांडू की गलियों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक, लोगों की निगाहें अब नई प्रधानमंत्री पर हैं। कार्की का स्पष्ट इरादा है, ‘‘हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा, हिंसा पर रोक होगी, और न्याय हर घर पहुंचेगा।’’














