Ramgarh : रिश्तों की गर्माहट जब मिट्टी की खुशबू से मिलती है, तो माहौल कुछ अलग ही हो जाता है। ऐसा ही भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला जब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। रामगढ़ जिले के इस शांत और आत्मीय गांव ने अपने बेटे का स्वागत वैसे ही किया, जैसे कोई मां वर्षों बाद लौटे बेटे को गले लगा लेती है। मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा में आयोजित पारंपरिक सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल हुये। गांव की चौपाल, बुजुर्गों की मुस्कान और बच्चों की उत्सुक निगाहें, हर ओर अपनापन ही अपनापन नजर आया। यह जड़ों से जुड़ाव का भावुक क्षण था।
ग्रामीणों ने किया पारंपरिक स्वागत
नेमरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का परंपरा के अनुरूप हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। हार, अंगवस्त्र और ढोल-नगाड़ों के बीच माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो उठा। गांव की गलियों में जैसे गर्व की लहर दौड़ गई, “हमारा बेटा, आज मुख्यमंत्री बनकर भी अपनी मिट्टी नहीं भूला…” इधऱ, मुख्यमंत्री के आगमन पर रामगढ़ जिला प्रशासन की ओर से औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सरकारी गरिमा और गांव की सादगी, दोनों का अनोखा संगम इस मौके पर देखने को मिला।












