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Wednesday, August 10, 2022
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कोरोना संक्रमक खत्म करने में सहायक नीम

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कोरोना पर नीम का असर : एआईआईए

 नई दिल्ली : भारतीय फार्मा कंपनी ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के साथ मिलकर काम कर रही है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद यानी एआईआईए के साथ मिलकर भारतीय औषधि निर्माता कंपनी निसर्ग द्वारा डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक टीम तैयार की गई है। यह टीम नीम के औषधीय गुणों का कोरोना पर प्रभाव जांचने का काम करेगी। सूचना के अनुसार, वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स की टीम साथ मिलकर हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में कोरोना पर नीम के असर का ह्यूम ट्रायल किया जाएगा। नीम एक भारतीय जड़ी बूटी है। प्राकृतिक चिकित्सा जगत में नीम के महत्व को देखते हुए भारत द्वारा इस पौधे को पेटेंट भी कराया गया है।

 नीम के औषधीय गुण 

भारतीय आयुर्वेदिक में पेड़-पौधों का अपना ही महत्व है। नीम का पेड़ ऐसा ही एक पेड़ है जो सदियों से त्वचा के रोगों से लेकर दांत और हड्डियों तक की समस्याएं दूर करने में रामवाण है। आम फ्लू और वायरल से मुक्ति दिलाने में तो नीम कारगर है। लेकिन कोविड-19 पर नीम का कितना असर रहता है, कैसे इस असर को और बढ़ाया जा सकता है, किस कैटिगरी के रोगियों पर यह अधिक प्रभावी होगा, जैसे जरूरी सवालों के जवाब खोजने में भारतीय डॉक्टर्स की टीम जुट गई है।

नीम का औषधिय उपयोग

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आयुर्वेदिक तरीके से नीम द्वारा उपचार करके रक्त, पाचन और त्वचा के कई असाध्य रोगों को ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही आम बुखार, दाद, खाज-खुजली, मच्छरों का काटना, फंगल इंफेक्शन और पुराने घाव ठीक करने में भी नीम बहुत अधिक प्रभावी पौधा है। यदि आपकी त्वचा पर कोई संक्रमण हो गया है और आपको समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें तो आप तुरंत नीम की कुछ पत्तियां पीसकर संक्रमित जगह पर लगा सकते हैं। कुछ ही दिनों में आपको अंतर नजर आएगा। यदि लाभ ना हो तो आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। जो लोग नीम की दातून से दांतों की सफाई करते हैं, उन्हें जीवन में कभी दांत दर्द या कैविटी की समस्या नहीं होती है। यदि दांत दर्द शुरू होने के बाद या कैविटी की समस्या होने के बाद भी आप नियमित रूप से नीम की दातून करेंगे तो धीरे-धीरे आपको इन समस्याओं से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। जो लोग नहाने के पानी में नीम की पत्तियों का उपयोग करते हैं, उनकी त्वचा पर कभी भी किसी तरह के बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण नहीं होते हैं। कुछ लोगों की स्किन बहुत अधिक संवेदनशील होती है और बार-बार उनकी त्वचा पर फोड़े-फुंसी, दाद-खाज या दूसरे संक्रमण होते रहते हैं। ये लोग सप्ताह में एक बार नीम का लेप पूरे शरीर पर लगाने के बाद नहाएं तो इन्हें ना केवल हर तरह के रोग से मुक्ति मिलेगी बल्कि त्वचा कहीं अधिक कांतिवान बनेगी। त्वचा का आकर्षण बढ़ेगा। साथ ही इसके लेप की खुशबू दिमाग को शांत करने में भी लाभकारी होती है।

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