Chaibasa : झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की कड़ी पुनर्वास नीति का असर अब साफ दिखने लगा है। चाईबासा में भाकपा (माओवादी) के 10 कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस और CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें संगठन का एरिया कमेटी मेंबर रांदो बोइपाई उर्फ क्रांति बोइपाई भी शामिल है, जिस पर कई बड़ी वारदातों की कमान संभालने के आरोप हैं।
झारखंड पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, सरेंडर करने वालों में माओवादी के नौ दस्ता सदस्य और एक एरिया कमेटी मेंबर शामिल हैं। DGP अनुराग गुप्ता की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में नक्सलियों ने हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ उठाने का ऐलान किया। गार्दी कोड़ा, जॉन उर्फ जोहन पुरती, निरसो सीदू उर्फ आशा, घोनोर देवगम, गोमेया कोड़ा उर्फ टारजन, कैरा कोड़ा, कैरी कायम उर्फ गुलांची, सोवित्री गोप उर्फ मुतुरी उर्फ फुटबॉल और प्रदीप सिंह मुंडा जैसे नामी उग्रवादियों के सरेंडर से पुलिस को बड़ा मनोबल मिला है।
सुरक्षा बलों ने बताया कि बीते 3 वर्षों में केवल चाईबासा में ही 26 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। 2022 से अब तक यहां 9,631 ऑपरेशन चलाये गये, जिनमें 175 नक्सली गिरफ्तार हुये और 10 ढेर किये गये। भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुये हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन का पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो अब भी कोल्हान और सारंडा में सक्रिय है। इसकी अगुवाई माओवादी केंद्रीय कमेटी के टॉप कमांडर मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी उर्फ अनल और असीम मंडल जैसे हार्डकोर उग्रवादी कर रहे हैं।












