Garhwa(Nityanand Dubey) : माता-पिता के साये से वंचित अनाथ बच्चियों की जिंदगी को निखारने और संवारने की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार की पहल पर ये नेक काम रवि चौधरी ने शुरू किया है। गढ़वा के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि मीडिया में छपी खबर का आधार पर अनाथ बच्चियों के बारे में जाना-सुना। इसके बाद अधिकारियों की एक टीम को भंडरिया प्रखंड के बिजका गांव में भेजा गया। टीम को यह बताया गया कि अनाथ हो गई बच्चियों के माता-पिता की मृत्यु इसी साल सितम्बर में हो गई थी। घर की बड़ी बेटी गुजरे तीन माह से रहस्यम ढंग से गुम है। इस खोज निकालने के लिये भंडरिया पुलिस को कहा गया है। अनाथ बच्चियां भीख मांग कर अपना पेट भर रही थी, दुखद पहलू यह है कि इन अनाथों का सहारा कोई नहीं बना।
अब इन अनाथ बच्चियों को नाथ मिल गया है। उसकी जिंदगी को संवारने की खातिर पहल शुरू कर दी गई है। एक अनाथ बच्ची को भंडरिया के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में दाखिला कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिये प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कैसर राज से बच्चियों के एडमिशन के लिये आग्रह किया गया है। वहीं, एक अनाथ बच्ची के भाई को फोन किया गया है, ताकि बच्ची को उसके हिफाजत में छोड़ा जा सके। इसका भाई रोजी-रोटी की जुगाड़ में परदेश चला गया है। फिलहाल गांव की सरोज देवी, चिंता देवी, राजमती देवी, प्रसाद सिंह, सतेंद्र सिंह को अनाथ बच्चियों की देखभाल करने का जिम्मा दिया गया है।








