Kohramlive : राज्यसभा के शून्यकाल में आज सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने देश के डिजिटल भविष्य से जुड़े एक अहम विषय डिजिटल एड्रेस इकोसिस्टम की मजबूती और राष्ट्रीय मानकीकरण पर सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगते हुये ध्यान आकर्षित किया। डॉ. वर्मा ने कहा कि तेजी से डिजिटल होते भारत में पते का राष्ट्रीय मानकीकरण केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि शासन, सेवा वितरण और सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने संचार मंत्रालय से चार प्रमुख पहलुओं पर जानकारी चाही…
- डाक विभाग द्वारा हाल में उठाये गये सुधारात्मक कदम, जिससे डिजिटल एड्रेस सिस्टम की भरोसेमंदता बढ़े।
- ‘एड्रेस-एज़-ए-सर्विस (AaaS)’ मॉडल की प्रगति और इसके लिये तैयार हो रही डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिये एक समान डिजिटल पता कोड (Digital Address Code) की मानकीकरण स्थिति।
- इसके लागू होने के बाद देश को होने वाले संभावित लाभ—विशेषकर शासन, लॉजिस्टिक्स और नागरिक सेवाओं में।
सदन में उत्तर देते हुये संचार राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेमासानी ने बताया कि सरकार डिजिटल एड्रेसिंग सिस्टम को अधिक सटीक, सुरक्षित, मजबूत और उपयोगकर्ता–अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आधार की तरह एक सर्वव्यापी डिजिटल पता पहचान विकसित करने की पहल भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसे सरकारी और निजी सेवाओं से जोड़ा जायेगा। डॉ. वर्मा ने कहा कि देश में मजबूत डिजिटल एड्रेस सिस्टम लागू होने से ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन, नागरिक सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, डिलीवरी और सेवा प्रदायगी तंत्र में क्रांतिकारी सुधार आयेगा। उन्होंने सरकार से इस दिशा में तेज़ और प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की।










