Kohramlive : मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार, दादासाहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित अभिनेता मोहनलाल की मां संथाकुमारी का आज कोच्चि में निधन हो गया। वह 90 वर्ष की थीं। संथाकुमारी ने अभिनेता के एलामाक्कारा स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रही थीं। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, मां की सांसें थम गईं और मोहनलाल का सहारा हमेशा के लिये छिन गया। मोहनलाल ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई बार मां का जिक्र आदर, स्नेह और कृतज्ञता के साथ किया है। वह उन्हें अपने जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा मानते थे। संघर्ष के दिन हों या सफलता की ऊंचाइयां, हर मोड़ पर संथाकुमारी बेटे के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं। मोहनलाल अक्सर कहते रहे, “मेरे संस्कार, मेरा संतुलन, मेरी सोच सब मां की देन है।” कोरोना महामारी के दौरान जब देश थम सा गया था, तब मोहनलाल ने अपनी जिंदगी का एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया था। काम से अचानक मिली फुरसत में भी वह मां से दूर थे। वीडियो कॉल ही मां-बेटे का सहारा बनी। उसी दौर में उन्होंने महसूस किया था कि मां की मौजूदगी की कोई भरपाई नहीं हो सकती, चाहे इंसान कितनी भी ऊंचाई पर क्यों न पहुंच जाये। अपने पिता की बीमारी के दिनों को याद करते हुये भी मोहनलाल कई बार बता चुके हैं कि संथाकुमारी ने धैर्य, करुणा और मजबूती से परिवार को संभाला। इधऱ, संथाकुमारी के निधन की खबर फैलते ही मलयालम फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मां चली गईं, सूना हो गया मोहनलाल का आंगन…
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