Ranchi : राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित काली पूजा स्वागत समिति के बैनर तले लगातार 37वें वर्ष मनाया गया मां काली पूजनोत्सव आज एक भावभीनी विदाई के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही वातावरण में शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों की थाप और “जय मां काली” के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं, पर हृदय भरा हुआ, क्योंकि आज मां की प्रतिमा को विदाई वाहन पर सवार कर विसर्जन शोभायात्रा निकली। मुख्य मार्गों से गुजरती यह शोभायात्रा बड़ा तालाब पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पांजलि के बीच मां काली का विसर्जन किया गया। हर “जयकार” में आस्था की लहर थी, हर “आरती” में प्रेम की अग्नि जल रही थी। पूजनोत्सव का शुभारंभ 20 अक्तूबर, दीपावली की मध्यरात्रि में हुआ था। उस पावन रात में मां के पवित्र सिंहासन पर दीपों की उजास फैली और चारों ओर “शक्ति की आराधना” का दिव्य आलोक फैल गया। इसके अगले दिन, 21 अक्टूबर (मंगलवार) को 1101 महिलाओं द्वारा भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, सैकड़ों दीपों की लौ में सजीव हुई भक्ति की छवि ने मानो स्वयं देवी को धरती पर उतार दिया। महाआरती के पश्चात सुहाग पोटली वितरण कार्यक्रम हुआ, जिसमें हर महिला के चेहरे पर विश्वास और आशीर्वाद की चमक थी।
22 अक्टूबर (बुधवार) को मां के महाभोग वितरण कार्यक्रम के तहत हजारों घरों तक मां का प्रसाद पहुंचाया गया, हर घर में एक दीप, हर आंगन में मां की कृपा बरसी। विसर्जन शोभायात्रा में समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रेम वर्मा,
ओमप्रकाश, अमित अग्रवाल, अनिल माथुर, सत्येंद्र वर्मा, राजू वर्मा, हरीश तिवारी, कुमार कौशलेंद्र, रवींद्र वर्मा, रंजीत वर्मा, अजय जायसवाल, पप्पू वर्मा, सचिदानंद सोनी, संजय शर्मा, संजय लाल गुप्ता, और सन्नी वर्मा, विजय महतो, राजेश गुप्ता, सौरभ वर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुये। हर कोई मां की प्रतिमा के आगे हाथ जोड़कर एक ही भावना लिये खड़ा था, “अगले वर्ष फिर आना मां!”










