Deoghar : देवघर की सुबह उस रोज कुछ अलग थी। सूरज चढ़ा तो जरूर, पर एक घर में उजाला नहीं था, वहां था मातम और आंखों में सवाल। पालाजोरी के मेराज अंसारी अब इस दुनिया में नहीं रहे। पुलिस कस्टडी की दीवारों के पीछे उनके जिस्म ने दम तोड़ दिया, पर उनकी मौत, सिर्फ एक देह का अंत नहीं थी, वो सिस्टम के सीने में धंसा एक सवाल बन चुकी थी।स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का दर्द उस सवाल से टकराया। उनकी आवाज गूंजी, “साइबर क्राइम की आड़ में निर्दोषों को जाल में फंसाया जा रहा है। मेराज के साथ जो हुआ, वो सिर्फ मौत नहीं, इंसाफ का गला घोंटना था। क्या एक मुल्क में, जहां संविधान हो, वहां कोई थर्ड डिग्री से मारा जा सकता है?” उन्होंने याद दिलाया जामताड़ा की उस रात को, जब एक और बेगुनाह टॉर्चर का शिकार बना था। फर्क सिर्फ ये था कि वह जिंदा बचा था, और यहां एक मां की गोद सूनी हो गई। डॉ. अंसारी ने चेतावनी देते हुये कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं। जो अफसर लोकतंत्र की छवि धुंधला कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। यह सरकार इंसाफ देगी, और मेराज को इंसाफ मिलेगा।” कुछ पुलिस अफसर जान बुझकर CM हेमंत सोरेन की सरकार को बदनाम करने में जुटे हैं।
पुलिस कस्टडी में मेराज की मौ’त पर बमक गये मंत्री, क्या बोले जानें…
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