Ranchi : पाई-पाई जोड़कर और घर के सामान बेच कर बोलेरो पिकअप वैन खरीदा था। सोचा था गाड़ी चलाकर अच्छी कमाई हो जाएगी। घर-परिवार बढ़िया से पला जाएगा। पर मनोज साव को उस वक्त झटका लगा जब उसने अपनी नई बोलेरो पिकअप को अपने घर के बाहर से गायब पाया। मनोज सिल्ली के लुपुंग टोला में रहता है। भागा-दौड़ा पहुंचा पुलिस के पास। सिल्ली थानेदार अजय कुमार से बोला… “हुजूर, मदद कीजिये। चोर सब रोजी-रोटी का एक मात्र जरिया भी चुरा ले गया। 14 जून को रात में काम कर वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में गाड़ी खड़ा करके कीर्तन देखने लगे। रात में लगभग सवा 12 बजे अपने घर आ गये। रोज की तरह घर के बाहर गाड़ी खड़ी कर के सो गये। 15 जून की भोर में सवा 6 बजे उठे। घर के बाहर गये तो माथा हिल गया। मेरा बोलेरा पिकअप गायब था। कुच्छो कर के हमरा गाड़ी खोज दीजिए।”
मनोज साव की शिकायत रांची के पुलिस कप्तान किशोर कौशल के कानों तक पहुंची। रुरल एसपी मो. नौशाद आलम की देखरेख में टीम बनाई गई और गाड़ी को जल्द खोज निकालने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने छानबीन शुरू की। इसी दरम्यान थानेदार अजय को खबर मिली कि मनोज की गाड़ी सरायकेला खरसावां की कपाली में है। टीम ने रेड की और मनोज की चोरी हुई बोलेरो को बरामद कर लिया।
वहीं, गाड़ी चुराने में शामिल मो. फिरोज, मो. अहमद रजा, मो इरशाद उर्फ फिरदोस और सुरेंद्र साहनी (छपरा) को धर दबोचा। सभी जमशेदपुर में रहते हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गाड़ियों को चुरा कर दूर-दराज के इलाकों में औने-पौने दामों में बेच देना इनकी फितरत। सुनें क्या बोले रांची के रुरल एसपी मो. नौशाद आलम…
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