Bihar : CM नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के भविष्य की बड़ी रूपरेखा तय कर दी गई है। सरकार ने सात निश्चय-3 को मंजूरी देते हुये साफ कर दिया है कि अगला फोकस विकास की रफ्तार दोगुनी करने और बिहार को देश के विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने का है। CM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फैसलों की जानकारी देते हुये कहा कि 2005 से बिहार में कानून का राज है और बीते 20 वर्षों में हर वर्ग के विकास के लिए लगातार काम हुआ है। अब सात निश्चय-3 के जरिये उसी विकास को नये स्तर पर ले जाया जायेगा।
सात निश्चय-3 की सात बड़ी गारंटी
दोगुना रोजगार, दोगुनी आय: अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी-रोजगार का लक्ष्य। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार की सहायता, आगे बढ़ाने पर 2 लाख तक मदद।
समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार: बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की तैयारी। 5 साल में 50 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य, 9 बंद चीनी मिलें दोबारा चालू होंगी, 25 नई मिलें लगेंगी।
कृषि में प्रगति: चौथा कृषि रोडमैप तेज होगा, मखाना, डेयरी और मत्स्य पालन पर खास जोर, हर पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र।
उन्नत शिक्षा: अलग उच्च शिक्षा विभाग, पुराने संस्थान बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, नई एजुकेशन सिटी बनेगी।
सुलभ स्वास्थ्य: प्रखंड अस्पताल बनेंगे स्पेशलिटी सेंटर, जिला अस्पताल सुपर स्पेशलिटी। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन।
मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार: 5 नई एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण, सोलर एनर्जी को बढ़ावा, नए नियोजित शहर।
सबका सम्मान-जीवन आसान: तकनीक और सुशासन से आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने पर जोर।
इसके साथ ही पर्यटन, फिल्म सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और सभी जिलों में खेलों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री का दावा है कि सात निश्चय-3 बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर ले जायेगा और राज्य को देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल करेगा।
24 नवम्बर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) December 16, 2025








