Kohramlive : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़े असर के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की तैयारी की जा रही है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 18 मई को E22, E25, E27 और E30 फ्यूल ब्लेंड के लिए आधिकारिक मानक जारी किये हैं। इसका मतलब है कि पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को तकनीकी रूप से मान्यता मिल गई है।
E20 से आगे बढ़ने की तैयारी
फिलहाल देश में E20 फ्यूल लागू है, लेकिन सरकार अब इसे बढ़ाकर E30 तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। इससे भारत धीरे-धीरे पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकार का फोकस आयात कम कर घरेलू वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर है। इस बदलाव से पेट्रोल आयात पर खर्च कम होने की उम्मीद है और पर्यावरण को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, वाहन निर्माताओं को अपने इंजन को नये ईंधन मिश्रण के अनुसार अपग्रेड करना पड़ सकता है ताकि परफॉर्मेंस पर असर न पड़े।
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