Latehar : छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर स्थित लातेहार के ओरसा घाट में रविवार कि दिन के 4 बजे एक बड़े दर्दनाक सड़क हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिये। अनियंत्रित बस पलटने से पांच महिलाओं समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई, वहीं, 70 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये। मृतक और घायल सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के पीपरसोत–महाराजगंज इलाके के रहने वाले बताये जा रहे हैं। बलरामपुर थाना क्षेत्र के पीपरसोत, महाराजगंज, झपरा और बुद्धूडीह गांव के महिला–पुरुष ज्ञान गंगा पब्लिक हाई स्कूल की बस में सवार होकर झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र स्थित लोध फाल सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। बस में क्षमता से अधिक 80 से 90 यात्री सवार थे। छत्तीसगढ़ के सामरी और झारखंड के महुआडांड़ को जोड़ने वाली सड़क पर, छत्तीसगढ़ सीमा से लगभग 7 किलोमीटर दूर ओरसा घाट के खतरनाक मोड़ पर बस अचानक ब्रेक फेल होने के कारण बेकाबू हो गई और पलट गई।
चीख-पुकार, मलबे में दबे लोग
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री बस के नीचे दब गये। सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ के सामरी थाना और झारखंड के महुआडांड़ से पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तब तक चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से महुआडांड़, गुमला, लातेहार के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान गुमला अस्पताल में दो पुरुषों एवं लातेहार सदर अस्पताल में एक महिला की मौत हो गई। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर और रांची रेफर किया गया है।
चालक बोला, “ब्रेक फेल हो गया था”
बस चालक विकास पाठक ने पुलिस और मीडिया को बताया कि घाटी में उतरते समय ही ब्रेक फेल होने का अहसास हो गया था। हैंडब्रेक का भी सहारा लिया, यात्रियों को संभलने की चेतावनी दी, लेकिन ढलान पर बस काबू से बाहर हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में बस कुछ ही पलों में पलट गई। हादसे की खबर मिलते ही ओरसा गांव के दर्जनों महिला-पुरुष मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने बस के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। उनकी तत्परता से कई घायलों की जान बच सकी। घायलों को सीएचसी महुआडांड़ और कार्मेल अस्पताल महुआडांड़ में भर्ती कराया गया है। कुछ को प्राथमिक इलाज के बाद अंबिकापुर, कुसमी और रांची भेजा जा रहा है। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में रेसंती देवी (पीपरसोत), प्रेमा देवी, सीता देवी, सुखना भुइयां, विकास कुमार (महाराजगंज), विजय कुमार शामिल हैं। वहीं, दो पुरुष और एक महिला की पहचान अभी नहीं हो सकी है।






