रांची : काली पूजा स्वागत समिति हरमू रोड, रांची के तत्वावधान में वर्चुअल महाआरती का आयोजन किया गया। इस महाआरती में रांची के साथ-साथ झारखंड-बिहार के विभिन्न शहरों, कोलकाता, वर्दमान, मिदनापुर, आसनसोल (बंगाल), असम के साथ-साथ बांग्लादेश, इंडोनेशिया, संराअमेरिका और कई अन्य राज्यों और देशों से मां काली के भक्त शामिल हुए।
वर्चुअल महाआरती का यज्ञ अनुष्ठान आचार्य गणेश दत्त पाठक व यजमान प्रणीक वर्मा ने किया। कोरोना नियंत्रण के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार पूजा पंडाल में रीमा वर्मा के नेतृत्व में इस वर्ष सिर्फ 11 महिलाओं के समूह ने मां की महाआरती की।

इसे भी पढ़ें : कल सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश, उपमुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस
आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए काली पूजा स्वागत समिति, हरमू रोड रांची के संस्थापक अध्यक्ष व भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रेम वर्मा ने बताया कि रांची समेत देश-विदेश के मां काली के भक्तों ने श्रद्धा भाव से अपने-अपने घरों से वर्चुअल महाआरती में हिस्सा लिया।
श्री वर्मा ने बताया कि काली पूजा स्वागत समिति के मुख्य संरक्षक व सांसद सह झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के निर्देशानुसार कोरोना आपदा की वजह से जारी शासकीय पूजन दिशा-निर्देशों का अनुपालन अक्षरशः सुनिश्चित किया गया।
इसे भी पढ़ें : पहले चाकू घोंपा, फिर मार दी गोली, Dumka में एक की हत्या
उन्होंने बताया कि पूर्व में पूजा पंडाल के समक्ष 1101 माताओं-बहनों की सामूहिक उपस्थिति में आयोजित होने वाली महाआरती कार्यक्रम को इस वर्ष वर्चुअल किया गया। पंडाल में सिर्फ 11 महिलाओं के साथ महाआरती की गई।
काली पूजा स्वागत समिति के सचिव अनिल माथुर, कोषाध्यक्ष रवि प्रकाश, मुकेश मुक्ता, संजय गुप्ता,रंजीत गुप्ता, पप्पू वर्मा, प्रतीक वर्मा, सचिदानंद सोनी, अमित अग्रवाल, सन्नी वर्मा व अन्य सदस्यों ने भक्तों के घर-घर जाकर कोरोना जागरुकता अभियान चलाया और वर्चुअल महाआरती का लिंक उपलब्ध कराया। उसी लिंक के माध्यम से भक्तों और मां का मिलन साकार किया गया। भक्तों ने मां काली की वर्चुअल आराधना कर कोरोना आपदा से मुक्ति व विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
इसे भी पढ़ें : नहीं रहे दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता एक्टर Soumitra Chatterjee
मां के आशीर्वाद से अभिशक्त सिन्दूर की डिबिया का वितरण
कोरोना आपदा के मद्देनजर इस वर्ष महाभोग प्रसाद का वितरण भी स्थगित रखा गया। महाभोग के स्थान पर समिति के सदस्यों ने 11001 घरों में जाकर सुहागिन मां-बहनों के बीच मां की पूजा में चढ़ी सिन्दूर की डिबिया मां के आशीर्वाद स्वरूप वितरित किये। भक्तों ने श्रद्धा भाव से मां की अराधना कर कोरोना आपदा से मुक्ति और जगत कल्याण की प्रार्थना की।
शनिवार मध्य रात्रि से शुरू हुये काली पूजा का समापन सोमवार की सुबह 7 बजे हवन और दोपहर 3 बजे मां की पालकी विसर्जन यात्रा के साथ होगा।












