Kohramlive : 7 सितंबर 2025 की रात… चांदनी जब अपनी पूरी रौ में होगी, तभी आकाश के उस ओर, कुछ ऐसा घटेगा जो ना सिर्फ आंखों को दिखेगा, बल्कि आत्मा को भी छू जायेगा। यह कोई आम रात नहीं होगी — यह साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लेकर आ रही है अपने साथ खगोलीय, धार्मिक और ज्योतिषीय रहस्यों का भारी पिटारा। इस बार ये पूरा का पूरा चांद ढक जायेगा, यानी पूर्ण चंद्र ग्रहण। ग्रहण की शुरुआत रात 9:58 बजे, अंत: 1:26 बजे (रात), वहीं सूतक काल दोपहर 12:59 बजे से शुरू होगा। यह ग्रहण भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया और यूरोप की धरती भी इस खगोलीय नज़ारे की गवाह बनेगी।
ग्रहण का प्रभाव
हिंदू मान्यताओं में ग्रहण का समय शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ, खाना बनाना, बाल-कटिंग या सोना तक वर्जित रहता है। हां, मंत्र-जाप, ध्यान और आत्मचिंतन ज़रूर करें — यही काल का आह्वान है।
किस पर बरसेगा चांद, किस पर छायेगा ग्रहण?
मेष, वृषभ, कन्या, धनु — इन राशियों के लिए ये चांद खुशियां, तरक्की और प्रेम का उजाला लेकर आ रहा है। करियर में उछाल, प्रेम में स्थिरता और धन लाभ के संकेत हैं। इनकी बल्ले-बल्ले होगी।
वहीं मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ, मीन राशि वाले संभल जाइये। ग्रहण का असर आपके फैसलों पर पड़ सकता है। नई शुरुआतों से बचें, यात्राओं से परहेज करें और अपने राज सीने में ही रखें। इन्हें सतर्क रहना होगा।
राशि के अनुसार करें दान
मेष: लाल मसूर
वृषभ: सफेद वस्तुएं
मिथुन: हरे वस्त्र
कर्क: मिश्री वाला दूध
सिंह: गुड़
कन्या: हरी मूंग
तुला: चावल और घी
वृश्चिक: लाल वस्तुएं
धनु: दाल
मकर: तिल
कुंभ: तेल
मीन: हल्दी
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करें
“ॐ नारायणाय विद्महे…”
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः








