कोडरमा : ऑनर किलिंग के मामले में ढाई साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। मामले में कोर्ट ने मृतका के माता-पिता और चाचा-चाची को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए यह सजा सुनाई है।
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मामला कोडरमा के चंदवारा की है। जहां 25 अगस्त 2018 को सोनी कुमारी नामक युवती की गला घोंट कर परिजनों ने हत्या कर दी थी। हत्या की वजह थी युवती का दूसरे जाति के युवक से प्रेम करना। जिसको लेकर परिजन उससे काफी नाराज थे। दोनों के रिश्ते को लेकर परिजन नहीं मान रहे थे, जिसके बाद सोनी घर छोड़कर चली गई थी। पिता ने उसे बहला-फुसलाकर यह कहकर वापस बुलाया था कि वह उसकी शादी उसके प्रेमी से करवा देंगे। जब लड़की वापस अपने घर लौटी तो परिजन उसे समझाने में जुट गए। परिजनों ने अपने स्तर से उसे काफी समझाने और मनाने की कोशिश की। मगर वह नहीं मानी और प्रेमी के साथ ही रहने की जिद पर अड़ गई। जिसके बाद परिजनों ने 25 अगस्त 2018 को गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी और आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट ले गए। युवती का अंतिम संस्कार करते इससे पहले ही पुलिस को किसी ने सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अंतिम संस्कार से पहले ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से कुल्हाड़ी और केरोसीन भी जब्त किया था।
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चंदवारा के तत्कालीन थाना प्रभारी सोनी प्रताप की शिकायत पर परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। परिजनों के खिलाफ चंदवारा थाना में आईपीसी की धारा 302, 301, 511, 120 व 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने काफी संजीदगी से सबूत जुटाए और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में कुल 16 गवाहों की पेशी हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की कोर्ट ने मृतका के पिता चंदवारा निवासी किशन साव, मां दुलारी देवी, चाचा सीताराम साव व चाची पार्वती देवी को फांसी की सजा सुनाई।
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