Kohramlive : भारत में मानसून लगभग अब विदा ले चुका है और सुबह-शाम की सिहरन ने गुलाबी ठंड की दस्तक दे दी है। मौसम फिलहाल सुहावना है, लेकिन ये सुकून ज्यादा दिनों का मेहमान नहीं! भारतीय मौसम विभाग (IMD) और अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र की मानें तो इस बार सर्दी सामान्य से ज्यादा तीखी हो सकती है और वजह है ला नीना।
क्या है ला नीना?
ला नीना (La Niña) स्पेनिश शब्द है, जिसका मतलब है “छोटी बच्ची”। ये दरअसल एक समुद्री-जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के विषुवतीय क्षेत्र का सतही तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है। इसकी वजह से समुद्री हवाओं और मौसम प्रणाली में बड़े बदलाव आते हैं।
कैसे बढ़ेगी ठंड?
ला नीना के दौरान तेज़ चलने वाली ट्रेड विंड्स समुद्र के गर्म पानी को पश्चिम की ओर धकेल देती हैं, जिससे भारत की ओर आने वाली हवायें बेहद ठंडी हो जाती हैं। नतीजा, उत्तर भारत में Western Disturbances ज़्यादा सक्रिय होती हैं, जिनसे बारिश और बर्फबारी दोनों होती है। यही वजह है कि इस बार उत्तर भारत में शीतलहरें चल सकती हैं।
इस बार भारत पर ठंड का असर
| क्षेत्र | असर |
| उत्तर भारत | हाड़ कंपा देने वाली ठंड, न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट, शीतलहर की संभावना |
| दक्षिण भारत | हल्की ठंड, सामान्य तापमान, क्योंकि समुद्र का असर बना रहता है |
पर्यावरण विशेषज्ञ सीमा जावेद के मुताबिक, ठंड का होना जरूरी है लेकिन अगर पाला पड़ा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने फिलहाल पाले को लेकर कोई पुख्ता अनुमान नहीं दिया है।










