Hazaribagh (Sunil Kumar) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरा देश BSF के जवानों को सलाम करता है और उनपर नाज करता है। उनके मोर्चा संभालते ही देश सीमा की चिंता करने की जरूरत नहीं है। देश की सीमाओं की रक्षा की प्रथम पंक्ति के सच्चे प्रहरी हैं। BSF सीमा पर हैं, तभी हम घरों में सुकून से रह पाते हैं। जिस देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होती, वह देश कभी विकसित नहीं हो सकता। मौका था BSF के 59वें स्थापना दिवस समारोह का। समारोह हजारीबाग के मेरु स्थित BSF कैंप में आयोजित की गई थी। शाह ने शहीद के परिवारों से कहा कि आपके परिवार का जो नुकसान हुआ उसकी कोई भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन 130 करोड़ जनता आपके परिवार के बलिदान पर हमेशा गर्व करती है। बलिदानी की कहानी इतिहास के पन्नों पर दर्ज रहेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘जीवन पर्यन्त कर्तव्य’ केवल BSF का घोष वाक्य नहीं है, बल्कि खुद को साबित किया है। BSF के लाखों सीमा प्रहरियों ने अपने जीवन का स्वर्णकाल 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस के रेगिस्तान में, नाला की दलदलों में तो कहीं बंगाल की सुंदरनगर के जल में बिताया है। परिवार से दूर रहकर जिस तरीके से सीमाओं की हिफाजत में एक्टिव हैं, उसी का नतीजा है कि दिवाली का दीया सरहद पर जलाते हो, होली सरहद पर मानते हो। पूरा देश और खासकर मैं खुद गृह मंत्री BSF पर बहुत नाज करता हूं, गर्व करता हूं।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज वे झारखंड में हैं। उन्होंने देशभर में वामपंथी उग्रवाद की समस्या पर जो लड़ाई चल रही है उसकी समीक्षा की। वे देश की जनता को बताना चाहते हैं वह दिन दूर नहीं जब देश वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि गुजरे 10 वर्षों में भारत सरकार के प्रयास से हिंसा की घटना में कमी आई है। नक्सल प्रभावित जिले 96 से घटकर 45 हो गये, वहीं पुलिस स्टेशन भी 495 से घटकर 176 रह गये हैं। अब पूरे हौसले औऱ जोश के साथ अंतिम प्रहार के लिए तैयार हैं। नये कैंप की स्थापना और गश्त बढ़ने से इनकी संख्या में कमी आई है। बूढ़ा पहाड़ पूरी तरह मुक्त हो गया है। कुछ क्षेत्र में अंतिम लड़ाई जारी है, हम जीतेंगे। अमित शाह ने इस मौके पर कश्मीर, नार्थ ईस्ट का भी जिक्र करते हुए कहा इन सभी जगहों पर सुधार हुआ है। मैं इसका श्रेय भी बीएसएफ के जवानों को देता हूं। हिंसा पर प्रहार करने के लिए CRPF, BSF और ITBP तीनों तैयार हैं। सरकार आने वाले दिनों में उग्रवाद से देश को मुक्त करने के लिए कटिबद्ध हैं। ये BSF और अन्य सुरक्षा बलों का ही प्रयास है कि बुढ़ापहाड़ को उग्रवाद से मुक्त करने के लिए कामयाबी मिली है।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है। चाहे चांद पर चंद्रयान पहुंचना हो, चाहे जी-20 की बैठक में देश के ध्वज को समस्त विश्व में लहराना हो। चाहे हमारी अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर से पांचवें नंबर पर पहुंचाना हो। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। जब-जब भी देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई सीमा सुरक्षा को हमने प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा, विकास और लोकतंत्र की प्रक्रिया तीनों को बढ़ावा दिया गया। सीमा के क्षेत्र में हजार करोड़ की बजट के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की शुरुआत हुई। सीमा वाले क्षेत्र में अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत हुई।

BSF को जानें
दुनिया की सबसे बड़ी और बहादुर बार्डर गार्डनिंग फोर्स BSF अपना स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। सिक्योरिटी फोर्स’ की स्थापना 1 दिसंबर, 1965 को हुई थी। 1965 में, BSF की स्थापना 25 बटालियनों के साथ की गई थी। पंजाब, जम्मू और कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद से लड़ने के लिए इनका इस्तेमाल हुआ। धीरे- धीरे इसका विस्तार भी होता चला गया। अब BSF के पास 192 बटालियन और सात BSF आर्टिलरी रेजिमेंट हैं, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करते हैं। BSF कश्मीर घाटी में घुसपैठ विरोधी, उत्तर पूर्व क्षेत्र में उग्रवाद विरोधी, राज्यों में नक्सल विरोधी अभियान में भी अहम भूमिका निभाता है।
ये रहे मौजूद
मौके पर मुख्य अतिथि गृह मंत्री अमित शाह के अलावा मानव संसाधन राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, सांसद जयंत सिन्हा, सुनील कुमार सिंह, विधायक अंबा प्रसाद, जय प्रकाश पटेल, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक नितिन अग्रवाल, डीआईजी प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय हजारीबाग राजेश कुमार, डीसी नैंसी सहाय, एसपी चौथे मनोज रतन चोथे सहित जिला के आला अधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे।

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