Kohramlive : कहते हैं, जब सफर मुकद्दर हो, ठोकरों से क्या मतलब, भगवान के हाथ में है जीना-मरना, इंसान बस कोशिशें करता है, हौंसला जरूरी है। सुरंग के भीतर गुजरे 17 दिन से फंसे मजदूरों को बाहरी दुनिया की मुश्किलों और दुश्वारियों के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया, दिन-रात उनकी हौंसला अफजाई की गई। जिससे वे घबराये नहीं। वह मोबाइल पर गाने सुनते थे। BSNL के लैंडलाइन फोन से परिवार और नाते-रिश्तेदारों से गपियाते रहे। कब दिन, कब रात, उन्हें पता ही नहीं चलता। परिजनों से बातचीत होती रही, इसके लिये कुछ कटसी पूरी करके उन्हें अंदर जाने की पूरी आजादी दी गई थी। घरवाले सुरंग के भीतर जाकर अंदर फंसे अपनों से बातचीत कर पा रहे थे। फंसे लोगों के बारे में लगातार उनकी पत्नी और बाल-बच्चों को बताया जा रहा था। सबकी दुआयें काम आ गई और सभी सही-सलामत बाहर निकल आये। घरवालों ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। उनके मुख से इतना ही निकलता था, सब कुछ ठीक-ठाक है। डॉक्टरों की टीम दिन-रात उनकी खैरियत लेती रहती थी। खाना, दवा, कपड़े और जरूरत की सारी चीजें सुरंग के भीतर भेजी जा रही थी। फंसे मजदूरों को लगातार ORS का घोल पीने की सलाह दी जा रही थी। उन्हें समय से नाश्ता, लंच, डीनर भी भेजा जा रहा था। उन्हें एनर्जी ड्रिंक भेजी गई थी, लेकिन फिर पूरा भोजन दिया गया। मजदूर खुद को सेहतमंद रखने की खातिर भीतर योगा किया करते थे। सुरंग के भीतर सुबह-शाम टहल रहे थे।
खुदा का शुक्र है कि सुरंग के भीतर जियो टेक्सटाइल शीट थी, जो मजदूरों के सोने के काम आई। उन्हें वीडियो गेम खेलने के लिए मोबाइल भेजे गये थे। दिवाली के रोज सुरंग में फंसे मजदूरों को रैट माइनर्स की टीम ने मंगलवार को सुरंग से बाहर निकालने में बेहतरीन कामयाबी हासिल कर ली। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाबा बौखनाग और देवभूमि के देवी-देवताओं की कृपा से ऑपरेशन सफल हुआ है। बौखनाग देवता का सिलक्यारा में भव्य मंदिर बनाया जायेगा। इसके लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गये हैं। PM नरेंद्र मोदी ने सिलक्यारा में 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाले जाने पर CM पुष्कर सिंह धामी को फोन कर अपनी शुभकामनाएं दी। PM ने सुरंग से निकालने के बाद मजदूरों के स्वास्थ्य देखभाल, घर छोड़ने व परिजनों आदि के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं, इस बारे में जानकारी ली।
एक-एक लाख की आर्थिक सहायता देगी सरकार
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सरकार एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं। वहीं, इलाज और घर जाने तक की पूरी व्यवस्था दी जायेगी। CM धामी ने कहा कि श्रमिकों और उनके परिजनों के चेहरों की खुशी ही मेरे लिए इगास बग्वाल (दिवाली) है।CM ने कहा कि बचाव दल की तत्परता, टेक्नोलॉजी, सुरंग के अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जा रही पल- पल निगरानी और बौखनाग देवता की कृपा से यह अभियान सफल हुआ।




