Ranchi, Tamad(Sandeep Banerjee) : राजधानी रांची से सटे तमाड़ के शांत सुरम्य अंचल में सवेरे की हल्की धूप, हवा में घुली चंदन-गंध और राधा रानी मंदिर की घंटियों की टनटनाहट के बीच 1008 महिलाओं की कलश यात्रा बिल्कुल अलग सा नजारा झलका। सिंदूरी चुनरी, मांग में सजा सौभाग्य, हाथों में कलश, और होंठों पर हरिनाम, हर स्त्री आज देवी थी, शक्ति थी, और आस्था का बहता हुआ स्रोत थी। कलश यात्रा के साथ ही राधा रानी मंदिर में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हुआ। सात दिनों तक चलने वाले हरि-कीर्तन में बंगाल और झारखंड से आई कीर्तन मंडलियां मृदंग और झांझ की ताल पर “हरे राम हरे कृष्ण” गाकर अलग शमां बिखेर जायेगी। इस अवसर पर लगाये गये मेले में रौनक है। जहां मौत का कुआं सांसें थाम लेता है, वहीं नाव झूले बच्चों की किलकारियों से झूम उठते हैं। सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, बूटियों की दुकानें मानो एक श्रृंगार लोक बसा रही हों। पंकज मल्लिक, दुर्गा दास मोदक, चंदन साहू, सूरज सोनी, अनिल मोदक जैसे सेवाभावी। इस पूरे आयोजन की आत्मा हैं, जिनके संयोजन से यह आध्यात्मिक महाकुंभ तमाड़ के जन-जन तक पहुंचा। अब सात रातों तक जागेगी, कीर्तन, भक्ति, श्रृंगार और शक्ति के संग।
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— KohramLive (@KohramLive) May 23, 2025








