Ranchi : लोहरदगा से अपनी 9 माह की मासूम बेटी अपनीर का इलाज कराने रांची आये आशीष महली और अणिमा कुमारी की गोद सूनी हो गई। राजधानी रांची के पारस अस्पताल में जन्म से कटे होंठ की समस्या के इलाज के लिये भर्ती कराई गई बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा उबाल पर आ गया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये बच्ची का शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों ने मीडिया को बताया कि लोहरदगा निवासी आशीष महली और अणिमा कुमारी अपनी 9 माह की बेटी को लेकर 18 अगस्त को पारस अस्पताल पहुंचे थे। बच्ची के जन्म से ही होंठ कटे हुये थे और परिवार उसके इलाज की उम्मीद लेकर रांची आया था। अस्पताल में बच्ची को भर्ती कराया गया और सर्जरी की तैयारी शुरू हुई। परिजनों का इल्जाम है कि 19 अगस्त की रात बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे दवा दी गई। इसके बाद 20 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे बच्ची को ICU में शिफ्ट किये जाने की बात सामने आई। घरवालों का आरोप है कि ICU में शिफ्ट किये जाने की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई। उनका कहना है कि बच्ची की मौत के बाद उन्हें इसकी सूचना दी गई।
‘जब तक गलती नहीं मानी जायेगी, शव नहीं लेंगे’
बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल परिसर में परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि उनकी बेटी की जान लापरवाही के कारण गई है। मौत के करीब पांच घंटे बाद तक परिजनों ने बच्ची का शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक अस्पताल अपनी गलती स्वीकार नहीं करता, वे वहां से नहीं हटेंगे। इधर, पारस हेल्थ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार रांची स्थित उसके अस्पताल में बाल चिकित्सा, बाल शल्य चिकित्सा और ICU जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। एक मासूम इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंची थी। अब पीछे रह गया है तो सिर्फ एक परिवार का रोता हुआ घर और कई ऐसे सवाल, जिनके जवाब का इंतजार उसकी मां-बाप की आंखों में साफ दिखाई दे रहा है।
बिटिया का इलाज कराने रांची पहुंची मां की गोद हो गई सूनी… #Ranchi #RanchiNews #ParasHospital #HospitalNews #Lohardaga #JharkhandNews #BabyDeath pic.twitter.com/IOYHLOa8o1
— KohramLive (@KohramLive) August 20, 2026








