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पहली बार रख रही हैं करवा चौथ व्रत, इन नियमों का करें पालन

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Kohramlive: करवा चौथ व्रत की तैयारियां जोरों-शोरों पर चल रही हैं।  ये व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए रखा जाता है। लेकिन कई जगह पर ये व्रत अविवाहित कन्याएं भी रखती हैं। इस बार करवा चौथ 13 अक्टूबर को मनाई जाएगी। ये व्रत निर्जला रखा जाता है यानी इस व्रत में अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। साथ ही इस व्रत से जुड़े कुछ जरूरी नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है। अगर आप पहली बार व्रत रख रही हैं तो हमारे इस ब्लॉग में आपको कुछ रोमांचक तथ्य और जानकारियां प्राप्त होंगी। जैसे इस व्रत में किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए? किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए? पूजा की थाली कैसे तैयार करें? सरगी क्या होती है? इसके अलावा इस करवा चौथ पर पूजा का क्या रहेगा शुभ मुहूर्त

अगर पहली बार व्रत रखने जा रही हैं, तो एक बार ज्योतिषी से जरूर सलाह ले लें। दरअसल कई ज्योतिषियों का कहना है कि शुक्र के अस्त होने के कारण इस बार पहला करवा चौथ का व्रत नहीं करना चाहिए और न ही व्रत का उद्यापन करना चाहिए।

करवा चौथ व्रत के नियम और सरगी की साम्रगी 

करवा चौथ के दिन सबुह बिना नहाए चार से 5 बजे के बीच सरगी खाने का रिवाज है। सरगी सास अपनी बहु को देती है। सरगी के माध्यम से दूध, सेवई आदि खिला देती हैं। फिर शृंगार की वस्तुएं- साड़ी, जेवर आदि करवा चौथ पर देती हैं। इसमें अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार, फल मिठाई, मट्ठी, दूध, आदि ले सकते हैं। लेकिन इसे सुबह बिना नहाए खाया जाता है। एक बार सरगी खाने के बाद न पानी पी सकते हैं और न ही कुछ खा सकते हैं। इसके बाद  स्नान करने के बाद मंदिर की साफ- सफाई कर ज्योत जलाएं। निर्जला व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में चांद के दर्शनों का विशेष महत्व होता है। रात में चांद के दर्शनों के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। रात्रि में चंद्रमा के दिखने पर ही अर्घ्य प्रदान करें। इसके साथ ही, गणेश जी और चतुर्थी माता को भी अर्घ्य देना चाहिए।

करवा चौथ पूजन सामग्री

चंदन, शहद, अगरबत्ती, पुष्प,  कच्चा दूध, शक्कर,  शुद्ध घी, दही, मिठाई, गंगाजल, अक्षत (चावल), सिंदूर, मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी,  बिछुआ, मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन,  दीपक, रुई, कपूर, गेहूं, शक्कर का बूरा, हल्दी, जल का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, चलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा (दान) के लिए पैसे आदि।

13 October 2022  (13 अक्टूबर 2022 पंचांग)

दिनांक- 13 अक्टूबर 2022
दिवस- गुरुवार
माह- कार्तिक,कृष्ण पक्ष,
तिथि- चतुर्थी
सूर्योदय- 06:25am
सूर्यास्त- 05:50 pm
नक्षत्र- कृतिका
सूर्य राशि- कन्या
चन्द्र राशि- वृष
करण- बव
योग- सिद्धि

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