Kohramlive : आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले से आई यह सच्ची घटना हर माता-पिता और शिक्षक के दिल को झकझोर देगी। वहीं, पूरे गांव को रुला दिया। दो नन्हीं बच्चियां डांट के डर से जंगल की गुफा में जा छिपीं,
और चार दिन तक भूख, प्यास और डर से जूझती रहीं। खबर है कि स्कूल में पढ़ाई में कमजोर होने पर डांट पड़ी थी, बस इतना ही कारण था कि कक्षा 5 और 6 में पढ़ने वाली पेदाबयालु आश्रम बालिका विद्यालय की ये दो छात्राएं बिना कुछ बताये कोंचुरू की पहाड़ियों की ओर निकल पड़ीं। घने जंगलों में उन्हें एक छोटी गुफा मिली। वही उनका आश्रय बन गया,
जहां उन्होंने जंगली चुकंदर खाकर और झरने का पानी पीकर चार दिन जिंदगी से जंग लड़ी। रातों में डर से कांपतीं,
दिन में सूरज की रौशनी में एक-दूसरे को ढांढस बंधातीं। जब दोनों बच्चियां लापता हुईं तो गांव और स्कूल दोनों में हाय-तौबा मच गई। पुलिस ने ड्रोन उड़ाये, ग्रामीणों ने जंगल छाना। चार दिन की बेचैनी के बाद वो मिलीं, थकी-मांदी, पर सही-सलामत। उन्हें देखकर सबकी आंखें भीग गईं। बच्चियों को परिजनों को सौंपते हुये पुलिस अधिकारी ने कहा कि “बच्चों को डांटिये मत, समझिये। डर नहीं, भरोसा ही उन्हें सही राह दिखा सकता है।”



