Ranchi : JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल तय कर दिया है। छात्रों ने साफ कहा है कि बातचीत होगी, लेकिन पूरी तरह पारदर्शी और सार्वजनिक तरीके से। आंदोलनकारियों ने आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल घोषित किया है। इसमें रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार के सामने आंदोलन से जुड़ी सभी मांगें और सुझाव सिर्फ यही प्रतिनिधि रखेंगे।
पत्रकार और कानूनविद रहेंगे सिर्फ अभिभावक
प्रतिनिधिमंडल में रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभूनाथ चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार विकास वर्मा और कानूनविद अजीत कुमार को केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका दी गई है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि ये लोग वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे और न ही किसी मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे। छात्रों ने कहा कि पत्रकार प्रतिनिधि बैठक में माइक, कैमरा, रिकॉर्डिंग डिवाइस या अन्य मीडिया उपकरण लेकर प्रवेश नहीं करेंगे। उनकी भूमिका केवल नैतिक और बौद्धिक सहयोग तक सीमित रहेगी।
सरकार ने दिया था 5 सदस्यीय टीम का प्रस्ताव
बुधवार को सदर SDO कुमार रजत आंदोलन स्थल पहुंचे थे। उन्होंने सरकार की ओर से पांच सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता का प्रस्ताव दिया था। छात्रों ने बातचीत पर सहमति तो जताई, लेकिन कुछ शर्तें भी रखीं। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा कि यह आंदोलन लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए सरकार के साथ होने वाली वार्ता बंद कमरे में नहीं, बल्कि मीडिया की मौजूदगी में सार्वजनिक और पारदर्शी होनी चाहिये।








