Giridih : गिरिडीह में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। भाकपा माओवादी के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उसकी पत्नी सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने बुधवार को जिला प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। कभी AK-47 थामे शिवा आज ‘नई दिशा’ नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटा है। उसकी पत्नी उर्मिला, जो कभी दस्ते में खाना बनाती थी, अब ज़िंदगी को नये सिरे से जीने का हौसला लिए खड़ी है। शिवा पर 11 और उर्मिला पर 4 केस दर्ज हैं। दोनों पारसनाथ ज़ोन में सक्रिय थे, जहां लेवी वसूली और दहशत फैलाने की कई घटनाओं में शामिल रहे।
शिवा को पहले अंगरक्षक, फिर एरिया कमेटी सदस्य और आखिरकार संगठन के ‘टेक ऑपरेटर’ तक का काम सौंपा गया। वहीं उर्मिला को नक्सली महिला जया ने दस्ते में शामिल कराया था। DC रमणिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार की मौजूदगी में सरेंडर हुआ। अधिकारियों ने ‘नई दिशा एक नई पहल’ नीति के तहत दोनों का स्वागत किया और कहा जो भटके हैं, लौटना चाहें, दरवाजे खुले हैं।
शिवा 2017 में संगठन से जुड़ा। वह नक्सली कमांडर नुनुचंद और फिर कृष्णा हांसदा के अंडर रहा। बाद में इसे नक्सली विवेक का बॉडीगार्ड बना दिया गया। 2023 में लैपटॉप चलाना सीखा, अब तक हथियार चलाता था, अब टाइपिंग करता था। उर्मिला से 2024 में शादी हुई, दोनों साथ में संगठन में थे। पुलिस और CRPF ने इसे नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता माना है। सरेंडर कार्यक्रम में DIG अमित कुमार, ASP सुरजीत, CRPF के अधिकारी भी शामिल थे।










