Ranchi : “झारखंड को पाने के लिए हमने अनगिनत बलिदान दिये हैं। लेकिन आज राज्य को संभालने वाले वही लोग नहीं हैं, जो इसकी मिट्टी से जुड़े हैं। ऐसे बलिदानियों को हम नमन करते हैं।” यह कहना है JMM के कार्यकारी अध्यक्ष CM हेमंत सोरेन का। मौका था झारखंड मुक्ति मोर्चा के 13वें केंद्रीय महाधिवेशन का। आज यानी सोमवार को खेलगांव के टाना भगत इंडोर स्टेडियम में दो दिवसीय महाधिवेशन का शुभारंभ हुआ। अधिवेशन में 8 से अधिक राज्यों से 3500 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के बावजूद गुरुजी शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रूपी सोरेन अधिवेशन में पहुंचे। CM हेमंत सोरेन उन्हें खुद लेकर मोरहाबादी आवास से मंच तक लाये। मंच पर विधायक कल्पना सोरेन, बंसत सोरेन, और मंत्री हफीजुल हसन भी मौजूद रहे। CM ने झामुमो को दलित, आदिवासी, किसान और पिछड़ों की आवाज बताया। वहीं पार्टी के राजनीतिक प्रस्तावों में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27% OBC आरक्षण,75% निजी क्षेत्र में स्थानीय आरक्षण, सरना धर्म कोड को मान्यता, जातिगत जनगणना की मांग और वक्फ एक्ट में संशोधन का विरोध का जिक्र किया गया।
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