Kohramlive : मातृत्व की आस्था और संतान के मंगल की कामना से जुड़ा जितिया व्रत हर साल श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है। इसे जिउतिया और जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत खासकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई इलाकों में विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुखी जीवन की कामना से निर्जला उपवास रखती हैं। प्रदोष काल में गंधर्वराज जीमूतवाहन की पूजा करने की परंपरा बताई गई है। इस बार जितिया व्रत के दिन वरीयान योग और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग बताया गया है। पंचांग के अनुसार, वरीयान योग सुबह से दोपहर 3:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में वरीयान योग को शुभ माना गया है और इसके स्वामी धन के देवता कुबेर माने जाते हैं। वहीं, जितिया के दिन आर्द्रा नक्षत्र पूरे दिन रहने की बात कही गई है और इसका प्रभाव मध्य रात्रि 1:29 बजे तक बताया गया है। जितिया सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि संतान के लिये मां की ममता, त्याग और मंगलकामना से जुड़ी आस्था का पर्व माना जाता है। झारखंड और बिहार सहित कई क्षेत्रों में इस दिन घर-आंगन से लेकर पूजा स्थलों तक श्रद्धा का माहौल देखने को मिलता है।
जितिया 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 7.59 बजे शुरू होगी और 4 अक्टूबर को सुबह 5.51 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में पूजा की परंपरा के कारण इस वर्ष जितिया व्रत शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को रखा जायेगा।
जितिया 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त
जितिया व्रत के दिन कई महत्वपूर्ण मुहूर्त बताये गये हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 बजे से 5:26 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक
- सूर्यास्त: शाम 6:05 बजे
- प्रदोष पूजा: सूर्यास्त के समय से
- निशिता मुहूर्त: रात 11:46 बजे से 12:35 बजे तक
धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष काल में जितिया की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है
जितिया व्रत का पारण कब होगा?
जितिया को कठिन निर्जला व्रत माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रती इस दौरान अन्न और जल का त्याग करती हैं। दिये गये विवरण के अनुसार, इस वर्ष व्रत 3 अक्टूबर को सुबह 6:15 बजे से शुरू होकर 4 अक्टूबर को सुबह 6:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद यानी 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 6.15 बजे के बाद व्रती जितिया व्रत का पारण कर सकेंगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता एवं संपूर्णता के लिए Kohramlive.com उत्तरदायी नहीं है।





