Hazaribagh(Sunil Sahu) : पूरे झारखंड(Jharkhand) को दहलाने वाली वारदात नरबलि निकली। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में हुई नाबालिग की सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अंधविश्वास के मकड़जाल में जकड़ी एक मां कुमाता हो गई। अपने बेटे की बीमारी, घर की परेशानी और बिगड़ी माली हालत ठीक कैसे हो इस पर वह लोगों से पूछा करती थी। वह औरत ऐसे जाल में फंस गई, जहां उसे लगा कि उसकी बेटी की बलि से सब कुछ बदल जायेगा। एक औरत, जिसे लोग भगतिनी कहते थे, तंत्र-मंत्र और चमत्कारों का दावा करती थी। उसने मां के मन में डर बोया। कहा कि अगर घर की मुसीबतें खत्म करनी हैं, अगर बेटे को बचाना है, तो किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। और फिर शुरू हुई उस भयावह रात की कहानी। पूजा के बहाने बच्ची को घर से बुलाया गया। मां की पुकार पर वह दौड़ी चली। रात गहराती रही। मंत्र पढ़े गये। अगरबत्ती की खुशबू के बीच मौत धीरे-धीरे अपना चेहरा दिखा रही थी। फिर बच्ची को बांस की झाड़ी के पास ले जाया गया। जमीन पर लिटाया गया। वह डरी हुई थी, सहमी हुई थी। शायद उसने मां की तरफ आखिरी बार देखा होगा… शायद उसकी आंखों में एक ही सवाल रहा होगा—”मां, तुम भी?” लेकिन उस रात ममता हार गई और अंधविश्वास जीत गया।
एक आदमी ने उसका गला दबा दिया। मां ने उसके पैर पकड़े रहे। मासूम की सांसें टूटती रहीं, उसकी आंखें बुझती रहीं, और कुछ ही पलों में वह हमेशा के लिए खामोश हो गई। इसके बाद उसकी लाश पर पत्थर से वार किया गया, खून निकाला गया और उसी खून से तांत्रिक क्रियाएं की गईं। जब पुलिस ने इस हत्याकांड की परतें खोलीं, तो हर कोई सन्न रह गया। तीन लोग गिरफ्तार हुये—वह मां, वह भगतिनी और वह शख्स जिसने बच्ची का गला घोंटा था।
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— KohramLive (@KohramLive) April 1, 2026














