Ranchi : रांची की शांत सुबह में कांके रोड पर स्थित एक आलीशान बंगले के बाहर ED की टीमें सायरन बजाते पहुंची तो कुछ ही देर बाद चौंकाने वाली बातें सामने आई। ED ने झारखंड और बंगाल के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। यह रेड करीब 800 करोड़ के करोड़पतियों की दुनिया को हिला कर रख दिया। ED को शक था कि कुछ चालाक कारोबारी मिलकर फर्जी कंपनियों के जरिये ₹14,325 करोड़ के फर्जी चालान बना चुके हैं। इसका मकसद था 800 करोड़ रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पना, यानी बिना कोई टैक्स चुकाये सरकार की जेब से पैसा निकाल लेना। रांची में एक बड़े बिल्डर के कांके रोड स्थित आवास पर दबिश दी गई। वहीं जमशेदपुर से एक कारोबारी को हिरासत में लिया गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक छापेमारी का उद्देश्य फर्जी चालान रैकेट से जुड़ी संपत्तियों और दस्तावेजों को जब्त करना है। सूत्रों के अनुसार, यह झारखंड में इस किस्म का पहला बड़ा जीएसटी-ईडी ऑपरेशन है। ED का दावा है कि इस जाल के तार झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। मास्टरमाइंड ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कई कंपनियां खड़ी कीं, और उनका कोई असली कारोबार नहीं था, बस कागजों में करोड़ों का खेल।









