Ranchi : बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का बादलों का जादूगर इन दिनों झारखंड की ज़मीन पर इश्क़ की तरह बरस रहा है, रुक-रुक कर, मगर पूरे असर के साथ। रांची से चाईबासा तक, बादल जैसे कोई पुरानी याद बनकर हर कोने में छाये हैं।शुक्रवार को चाईबासा ने 93 मिमी बारिश झेली, मानो बादलों ने वहीं अपना ठिकाना बना लिया हो। रांची (15 मिमी), जमशेदपुर (11 मिमी) और मेदिनीनगर (3 मिमी) भी इससे अछूते नहीं रहे। मौसम विभाग की मानें तो राहत की कोई गारंटी नहीं, कम से कम 30 अगस्त तक।
23 अगस्त को गढ़वा, पलामू और लातेहार में भारी बारिश की चेतावनी है, यहां ऑरेंज अलर्ट है, यानी खतरा सिर पर है। वहीं, लोहरदगा से लेकर दुमका तक कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की आशंका जताई गई है, येलो अलर्ट के साथ।24-25 अगस्त को रांची सहित राज्य के कई जिलों में गरजते बादल, तेज हवाएं और तेज़ बारिश का दौर जारी रहेगा।
चतरा में बारिश बनी कहर
बारिश जब हद से गुज़रती है, तो कविता नहीं, कहानी बन जाती है, वो भी दर्द की। चतरा में शुक्रवार की बारिश ने तीन जानें लील लीं। सियारी पार नदी में तेज बहाव ने एक दंपती को निगल लिया, और नोनगांव में एक वृद्ध की मौत हो गई। गांवों में सड़कें बह गईं, बांध टूट गए और कई घरों में पानी ऐसा घुसा जैसे कोई पुराना दुख। यहां तक कि गिद्धौर का प्रखंड कार्यालय भी जलमग्न हो गया। झारखंड में इस वक़्त मौसम सिर्फ खबर नहीं, एक एहसास है—कभी सुकून, कभी कहर।














