RANCHI : झारखंड सरकार ने वैक्सीनेशन में आ रही अड़चनों को समाप्त करने और खुद निर्मित अमृतवाणी ऐप के जरिए राज्य के लोगों को वैक्सीन दिए जाने की प्रक्रिया को मंजूरी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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याचिका में कई बिंदुओं पर निर्देश देने की गुहार
झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन के मुताबिक राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आईए फाइल किया है। आईए संख्या 62455/2021के माध्यम से देश की सर्वोच्च अदालत अदालत से कई बिंदुओं पर निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाते हुए मांग की गई है कि कोविड ऐप की जगह अमृतवाणी ऐप का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए।
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कोविड ऐप में रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस थोड़ा जटिल
याचिका में कहा गया है कि झारखंड में 18 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों की संख्या लगभग 1.4 करोड़ से ज्यादा है। इन्हें भी वैक्सीन दिए जाने की जरूरत है, ताकि झारखंड में कोरोना का तीसरा फेज आने से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दिलाई जा सके। फिलहाल वैक्सीन लेने के लिए कोविड ऐप में रजिस्ट्शन करवाना पड़ रहा है, जिसकी प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। झारखंड के कई इलाकों में स्मार्टफोन का अभाव है, जिसकी वजह से लोग चाह कर भी वैक्सीन नहीं ले पा रहे।
इसलिए राज्य सरकार द्वारा झारखंड के लोगों को वैक्सीन देने के लिए अमृतवाहिनी ऐप तैयार किया गया है, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्रक्रिया से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि झारखंड की कुल आबादी का 48% हिस्सा शिडूयल एरिया का है और इस आबादी के ज्यादातर लोग डिजिटल तौर पर शिक्षित नहीं है। इस वजह से वैक्सीन लेने में उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।
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